अधिवक्ता के सही पक्ष रखने से न्याय मिलने में होती है सुविधा : जस्टिस पाठक
Updated at : 26 Aug 2019 5:54 AM (IST)
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जमशेदपुर : न्याय प्रणाली में अधिवक्ता की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है. अधिवक्ता द्वारा मजबूती से पक्ष रखने से न्याय करने में जज को आसानी होती है. अधिवक्ताओं को अपने आचरण पर भी ध्यान देना चाहिए. वहीं, कानून में हुए नये बदलाव की जानकारी होना आवश्यक है. जानकारी होने पर ही अधिवक्ता सही तरीके से अपना […]
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जमशेदपुर : न्याय प्रणाली में अधिवक्ता की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है. अधिवक्ता द्वारा मजबूती से पक्ष रखने से न्याय करने में जज को आसानी होती है. अधिवक्ताओं को अपने आचरण पर भी ध्यान देना चाहिए. वहीं, कानून में हुए नये बदलाव की जानकारी होना आवश्यक है. जानकारी होने पर ही अधिवक्ता सही तरीके से अपना पक्ष रख सकेंगे. अधिवक्ता की जिम्मेदारी समाज और राष्ट्र के लिए भी महत्वपूर्ण है.
उन्हें यह समझना चाहिए की जिसके पक्ष में कोर्ट पहुंचते हैं और न्याय दिलाने का प्रयास करते हैं. उसका असर समाज पर कैसा पड़ेगा. वर्तमान परिवेश में साइबर अपराध बढ़ रहा है. एेसे में साइबर कानून की जानकारी होना आवश्यक है. महिला अधिवक्ता को आगे बढ़कर हिस्सा लेना चाहिए.
उक्त बातें रविवार को लोयोला स्कूल प्रेक्षागृह में इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर (आइएएल) की ओर से ‘न्याय प्रणाली में अधिवक्ता की भूमिका’ पर आयोजित कार्यशाला में हाइकोर्ट के जस्टिस एसएन पाठक ने कहीं. वहीं, जिला जज मनोज प्रसाद ने कहा कि किसी भी मामले में न्याय दिलाने में 50 प्रतिशत अधिवक्ता और 50 प्रतिशत जज की भूमिका होती है.
अच्छे व जानकार अधिवक्ता द्वारा पक्ष रखने से न्याय देने में आसानी होती है. अधिवक्ता का काम न्याय दिलाना है. बार एसोसिएसन के चेयरमैन अजीत कुमार ने कहा कि अधिवक्ताओं को एकजुट होकर काम करना चाहिए, ताकि किसी तरह की परेशानी होने पर एकजुट होकर उसका निराकरण किया जा सके.
बार एसोसिएशन के वाइस चेयरमेन राजेश कुमार शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार के पास एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लंबित है. इसे सरकार को लाना चाहिए, ताकि अधिवक्ता को सुरक्षा मिल सके. कार्यक्रम में रजिस्ट्रार अभिनव कुमार, आइएएल के प्रदेश सचिव अधिवक्ता दीपक महतो समेत कई जज और अधिवक्ता मौजूद थे.
फेडरेशन ने हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ पाठक का किया स्वागत : अॉल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन के पूर्वी भारत के अध्यक्ष सतनाम सिंह गंभीर ने रविवार काे झारखंड उच्च न्यायालय के जस्टिस एसएन पाठक का जमशेदपुर पहुंचने पर बुके देकर स्वागत किया.
कानून में बदलाव की जानकारी अधिवक्ताओं को होनी चाहिए : आइएएल के राष्ट्रीय सचिव एके रशिदी ने कहा कि देश में एक सुप्रीम कोर्ट, 24 हाइकोर्ट, 671 सिविल कोर्ट हैं.
इसके अलावा भी अन्य कोर्ट हैं. कानून में लगातार बदलाव हो रहे हैं. इसकी जानकारी अधिवक्ताओं को होनी चाहिए. मुवक्किल को सही न्याय दिलाने से अधिवक्ता को संतुष्टि मिलती है. अधिवक्ताओं को सोच में बदलाव लाने की आवश्यकता है.
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