पत्नी, साला और सास पर गोली चलाने वाले दरोगा ने कहा- आत्मरक्षा में की फायरिंग

Updated at : 30 Jul 2019 7:57 AM (IST)
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पत्नी, साला और सास पर गोली चलाने वाले दरोगा ने कहा- आत्मरक्षा में की फायरिंग

बेटियों से कहा – टेंशन मत लेना, जो हुआ सो हुआ, ठीक से रहना और मोनू को भी समझा देना, पूनम से मेरी बात हो गयी हैअपराध पर सफाई: कोर्ट से निकलने के बाद हत्यारोपी दारोगा मनोज गुप्ता ने पत्रकारों से कहाजमशेदपुर : मैंने अपनी आत्मरक्षा में गोली चलायी. चंदन समझौता करने की बात बोलकर […]

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बेटियों से कहा – टेंशन मत लेना, जो हुआ सो हुआ, ठीक से रहना और मोनू को भी समझा देना, पूनम से मेरी बात हो गयी है
अपराध पर सफाई: कोर्ट से निकलने के बाद हत्यारोपी दारोगा मनोज गुप्ता ने पत्रकारों से कहा
जमशेदपुर :
मैंने अपनी आत्मरक्षा में गोली चलायी. चंदन समझौता करने की बात बोलकर अपने साथ हथियार लेकर आया था. उसने पहले गोली चलायी, इसलिए मैंने आत्मरक्षा में उसके ऊपर हमला किया. मैंने वहीं किया जो आम लोग अपनी जान बचाने के लिए करते हैं. निलंबित सब इंस्पेक्टर और हत्या आरोपी मनोज गुप्ता ने सोमवार को जेल जाने से पूर्व कोर्ट में यह बात कही.

उन्होंने बताया कि वह किसी को मारना नहीं चाहता था बल्कि उसने तो पत्नी से चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए उसे बुलाया था. चंदन भी साथ चला आया. पहले मुझे गलत साबित करने लगा और उसके बाद मेरे ऊपर गोली चला दी. इसके पूर्व मनोज गुप्ता को एमजीएम अस्पताल में मेडिकल जांच करायी गयी. जेल जाने के पूर्व सोमवार को मनाेज के हाथों में हथकड़ी थी. हालांकि उसके आत्म विश्वास में कमी नहीं दिख रही थी. उसने बड़े सरल स्वभाव में कहा, सब ठीक हो जायेगा, बहुत जल्द बाहर आऊंगा, चिंता की बात नहीं है. कोर्ट में उसने मिलने के लिए कई मित्र आये थे. सभी से गले मिलकर बोला, घबराओं नहीं मैं ठीक हूं.

15 मिनट कोर्ट रूम में बेटियों से अकेले में की बात. कोर्ट में पेशी होने के बाद कोर्ट रूम में 15 मिनट तक मनोज गुप्ता ने अपनी दोनों बेटी प्रिया और नेहा से 15 मिनट तक बात की. पापा से बात करने के बाद बेटियों का रुख बदला दिखा. घटना के दिन पिता के खिलाफ बोल रही सभी बातों से दोनों ने इनकार कर दिया. पापा के समझाने के बाद दोनों बेटियों ने भी उनकी हां में हां मिलायी और कहा-पापा जल्दी आना. माना जा रहा है कि मनोज गुप्ता ने बेटियों से घटना को लेकर पश्चाताप करते हुए और उनका साथ मांगा. कोर्ट के बाहर दोनों बेटियों को कुछ परिचित से बात करते सुना गया कि कई बार उन्हें समझाया ऐसा क्यों करते हैं पापा, लेकिन वे नहीं माने और ऐसी घटना हो गयी.

घाघीडीह जेल पहुंचते ही दारोगा मनोज का बीपी बढ़ा मेडिकल वार्ड में कटी रात

जमशेदपुर : मनोज गुप्ता का घाघीडीह सेंट्रल जेल पहुंचते ही ब्लड प्रेशर बढ़ गया. जेल प्रशासन ने उन्हें मेडिकल वार्ड में भेज दिया है. सोमवार शाम मनोज को लेकर पुलिस घाघीडीह सेंट्रल जेल पहुंची. सूत्रों के अनुसार नंबर बंदी के पहले शाम 6:15 बजे जेल पहुंचने पर आम बंदियों की तरह मनोज गुप्ता की मेडिकल जांच करायी गयी. कंपाउंडर अशोक ने मनोज गुप्ता के बीपी की जांच की, जो 170/ 112 मिला. नॉर्मल से अधिक बीपी होने के बाद डॉक्टर ने उन्हें दवा लेने के साथ सादे भोजन करने की सलाह दी है. कागजी प्रक्रिया के बाद मनोज गुप्ता को जेल के मेडिकल वार्ड में भेजा गया है. यहां मनोज गुप्ता को चादर, कंबल मुहैया कराया गया. रात में रोटी, दाल और बैगन की सब्जी दी गयी.

बढ़ायी गयी निगरानी. घाघीडीह सेंट्रल जेल प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर आरोपी दारोगा मनोज गुप्ता की निगरानी बढ़ा दी है ताकि अन्य बंदी उसके पास नहीं जा सके. जेल के मेडिकल वार्ड में पहले से फहीम खान, आबिद खान, गोल्डी सहित 25 बंदी बंद है.

कोर्ट पहुंची दोनों बेटियां व भाई गले मिला तो छलक पड़े आंसू

कोर्ट में मनोज के पहुंचने के पूर्व उनकी बेटियां व छोटा भाई उसके आने का इंतजार कर रहे थे. मनोज जैसे ही कोर्ट पहुंचा और गाड़ी से नीचे उतरा दोनों बेटियों और भाई को गले लगा लिया. छोटे भाई को देख उनकी आंखों से आंसू छलक आये. बेटियां मनोज गुप्ता के साथ कोर्ट के भीतर तक गयी. कोर्ट से निकलते समय मनोज ने बेटियों से कहा, बेटा टेंशन मत लो, जो हुआ सो हुआ, आगे सब ठीक होगा. जैसे मैंने समझाया है वैसा ही करना है. मोनू (बेटा मोहित) को भी समझा देना. मम्मी (पूनम गुप्ता) से मैंने बात कर ली है और उसे भी समझा दिया है, सब ठीक होगा. मनोज ने बेटियों से कहा चाचा तुम्हारा ख्याल रखेंगे. यह अंकल धातकीडीह में रहते हैं घर पर आते-जाते रहेंगे जो होगा उनको बताना.

सवाल ये भी
मनोज गुप्ता के कोर्ट पहुंचते-पहुंचते सारी कहानी हर बदलती नजर आयी. इस दौरान कहानी में कई ऐसे बिंदू सामने आये, जो कुछ और ही सवाल उठाते हैं. अब सच्चाई क्या है, यह तो चश्मदीद ही जानते हैं. लेकिन मनोज की कहानी से ये सवाल जरूर उठ रहे हैं.

अगर चंदन ने पहले गोली चलायी, तो पुलिस को अब तक हथियार क्यों नहीं मिला.

अगर चंदन ने गोली चलायी, तो मनोज की तरफ दीवार में गोली के निशान क्यों नहीं मिले, क्योंकि गोली मनोज तो लगी नहीं है.

अगर चंदन ने गोली चलायी, तो जवाब में मनोज गुप्ता ने पूनम और सीमा देवी को इतनी बेरहमी से गोली क्यों मारी.

गोली मारने के बाद मनोज गुप्ता फरार हो गये, उन्होंने थाने में जाकर अपनी बात क्यों नहीं रखी.

गोली लगने के बाद मनोज की दोनों बेटियों और सास ने मीडिया के सामने आकर कहा कि गोली मनोज ने ही चलायी है.

मनोज के परिवार को उसी से ही खतरा था, सुरक्षा दी गयी है, लेकिन अचानक परिजनों का रुख बदल क्यों गया.

मजिस्ट्रेट को दिये बयान में पूनम ने भी साफ तौर पर मनोज के ही गोली चलाने की बात कही है.

एसएसपी ने मनोज के बच्चों व चंदन के परिजनों से आवास पर की बात
जमशेदपुर : पुलिस सूत्रों के अनुसार एसएसपी अनूप िबरथरे ने मनोज गुप्ता के दोनों बेटी प्रिया, नेहा और बेटे मोहित गुप्ता को सोमवार देर शाम करीब 8.30 बजे अपने आवास पर बुलाया था. सिटी एसपी ने बच्चों घटना के संबंध और मम्मी-पापा के बीच चल रहे विवाद के बारे में एक-एक बात की जानकारी ली है. वहीं, दूसरी ओर घटना में घायल और पूनम का मुंह बोले भाई चंदन के परिजनों को भी आवास पर बुलाया था. पुलिस ने उनसे भी चंदन व दोनों परिवार के संबंध के बारे में जानकारी हासिल की है. मनोज के बच्चों को सोमवार को भी पुलिस सुरक्षा में सिटी एसपी के आवास लाया गया था.

अदालत के कटघरे में खड़ा रोता रहा मनोज

जमशेदपुर : सोनारी के नवलखा अपार्टमेंट में अपनी पत्नी पूनम, उसके मुंह बोले भाई चंदन और उसकी मां पर गोलियां दागने वाला आरोपी निलंबित सब-इंस्पेक्टर मनोज कुमार गुप्ता सोमवार को मुजरिम की तरह हाथ में हथकड़ी लगाकर अदालत में पेश किया गया. अर्पणा कुमारी की कोर्ट में करीब 10 मिनट तक कागजी कार्रवाई पूरी की गयी. कल तक जो थानेदार दूसरे अपराधियों को कोर्ट में लेकर आता था आज उसी कोर्ट के कटघरे में एक आरोपी की तरह खड़ा था. मनोज गुप्ता की आंखों से आंसू छलक रहे थे. मनोज गुप्ता कोर्ट के कटघरे में जितना समय खड़ा रहा राेता रहा. उनकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे. बाहर खड़ा उसका छोटा भाई उसकी इस हालत पर खुद को कमजोर महसूस कर रहा था. वह भी कोर्ट रूम के बाहर लगातार रोता रहा.

चंदन के साथ संबंध की बात से पति को थी नाराजगी. मनोज ने दबे स्वर में यह बात स्वीकार की है कि पत्नी का चंदन के साथ संबंध उन्हें पसंद नहीं था. वह नहीं चाहता था कि पत्नी चंदन से संबंध रखे, लेकिन पूनम उसकी बात को तरजीह नहीं देती थी. पति का इशारा पत्नी और चंदन के बीच के उस संबंध को लेकर जो उसे नागवार गुजरता था. हालांकि अब तक यह बात ही सामने आती रही है कि चंदन और पूनम के बीच भाई-बहन जैसे रिश्ता है. पूनम चंदन व उसके सभी भाइयों को राखी भी बांधती थी.

पिता के हाथ में हथकड़ी देख घबरा गयी बेटियां

मनोज गुप्ता जैसे ही कोर्ट परिसर पहुंचा, पुलिस ऑफिसर पिता के हाथ में हथकड़ी देखकर दोनों बेटियां घबरा गयी. पिता की हालत देखकर बेटियां अवाक थी. पुत्रियों से गले मिलने के दौरान परिवार से दूर होने का दर्द मनोज गुप्ता के चेहरे पर स्पष्ट झलक रहा था. ऐसा ही हाल कुछ बेटियों का था. पिता की बेबसी देखकर मनोज गुप्ता की बेटियां और उसका छोटा भाई खुद को रोक नहीं पाये और फफक पड़े. पत्नी अस्पताल में, पिता जेल में और तीनों बच्चे बुजुर्ग नानी के सहारे. जेल जाने के पूर्व मनोज गुप्ता ने दोनों बेटियों को कहा, मैं जा रहा हूं, तुम दोनों बाद में पीछे से निकलना. वह नहीं चाहता था कि बेटियां उसे जेल जाता देखे.

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