जमशेदपुर : लागू होगा सरना धर्म कोड, पिछड़ी जाति के रोस्टर में सर्वे के बाद होगा बदलाव

Updated at : 21 Apr 2019 8:59 AM (IST)
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जमशेदपुर : लागू होगा सरना धर्म कोड, पिछड़ी जाति के रोस्टर में सर्वे के बाद होगा बदलाव

जमशेदपुर और सिमडेगा में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा जमशेदपुर/सिमडेगा : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि सरना धर्म कोड लागू होगा. 2022 की जनगणना में इसे शामिल करने की अनुशंसा की जायेगी.वहीं, जिन जिलों में पिछड़े वर्ग का जिलास्तर पर आरक्षण नहीं है, वहां एक माह बाद सर्वे करा कर आरक्षण रोस्टर लागू […]

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जमशेदपुर और सिमडेगा में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा

जमशेदपुर/सिमडेगा : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि सरना धर्म कोड लागू होगा. 2022 की जनगणना में इसे शामिल करने की अनुशंसा की जायेगी.वहीं, जिन जिलों में पिछड़े वर्ग का जिलास्तर पर आरक्षण नहीं है, वहां एक माह बाद सर्वे करा कर आरक्षण रोस्टर लागू किया जायेगा. मुख्यमंत्री ने शनिवार को जमशेदपुर तथा सिमडेगा के जलडेगा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही. जलडेगा में अर्जुन मुंडा के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछड़ों के जिलास्तर पर आरक्षण के संबंध में भी अपनी बातें रखीं.

उन्होंने कहा कि पश्चिम सिंहभूम, सिमडेगा, खूंटी, दुमका और लोहरदगा जैसे जिलों में पिछड़े वर्ग के लोग रहते हैं. इन जिलों में पिछड़ा वर्ग का जिलास्तर पर रोस्टर शून्य है. हमारी सरकार ने निर्णय लिया है कि पूरे जिले में सर्वे करा कर जिलास्तर पर पिछड़ा वर्ग का जो आरक्षण रोस्टर मिलना चाहिए, वह होगा. हमने सभी डीसी को आदेश दिया है कि एक माह बाद सर्वे करा कर पिछड़ा समाज के जिलास्तर पर आरक्षण रोस्टर पर निर्णय लेंगे, ताकि झारखंड में समरस समाज और समतामूलक समाज का निर्माण कर सके.

वहीं, जमशेदपुर में पार्टी प्रत्याशी विद्युत वरण महतो के नामांकन के पूर्व सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरना धर्म कोड लागू होगा.

यह राज्य के लोगों की मांग रही है. इस निमित विधानसभा में कहा भी गया है कि सरना धर्म कोड लागू होगा. 2022 की जनगणना में भाजपा सरकार सरना धर्म कोड लागू करने की अनुशंसा करेगी. उन्होंने कहा कि आदिवासी धर्म और संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए सरकार ने पहल की और मांझी, पाहन व अन्य को दो-दो हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के तौर पर दे रही है.

सरकार ने किसी की जमीन नहीं छीनी, सिर्फ भ्रम फैलाया गया

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल के लोगों ने आदिवासियों को बरगलाने का कार्य किया है. लोगों को बताया गया कि भाजपा की सरकार आयेगी, तो आपकी जमीन छीन लेगी. क्या ऐसा हुआ, नहीं हुआ. झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस पार्टी ने 14 साल तक गठबंधन कर सरकार को अस्थिर किया व विकास को गांव-गरीब तक पहुंचने नहीं दिया. मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा गरीब या आदिवासी की राजनीति नहीं करती है. विकास की राजनीति करती है.

पिछले कई दशकों से देश की सत्ता कांग्रेस की हाथ में रही. लेकिन कांग्रेस ने कभी आदिवासियों के बारे में नहीं सोचा. जब वाजपेयी जी की सरकार बनी, तब पहली बार आदिवासी मंत्रालय बना. राज्य और केंद्र में जब से भाजपा की सरकार बनी है, कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियों की नींद हराम हो गयी है.

भाजपा का सिद्धांत राष्ट्रवाद का

मुख्यमंत्री ने झामुमो को झारखंड मुद्रा माेचन पार्टी आैर कांग्रेस काे गरीबाें के साथ विश्वासघात करनेवाली पार्टी बताया. कहा : भाजपा का सिद्धांत राष्ट्रवाद का रहा है. विकास साधना आैर अंत्याेदय हमारा लक्ष्य है. इसी मंत्र काे आत्मसात करते हुए पांच सालों से प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी गरीब-पिछड़े-दलित के आंसू पाेंछ रहे हैं. झामुमाे ने सिर्फ आदिवासियों-मूलवासियाें को अपना वाेट बैंक बनाये रखा. संताल परगना से इस राज्य काे तीन मुख्यमंत्री मिले. लेकिन किसी ने संताल समाज की सुध नहीं ली.

गरीबों के साथ विश्वासघात कर रही कांग्रेस

मुख्यमंत्री ने कहा : कांग्रेस 1971 से गरीबी हटाआे का नारा देकर अमीराें काे पाल रही है. गरीबाें के साथ विश्वासघात कर रही है.55 साल तक देश की सत्ता पर राज करनेवाली कांग्रेस के कारण आज भी लाेग गरीबी का दंश झेल रहे हैं. उनकी सरकार ने विकास काे गति प्रदान की. मानकी मुंडा समेत अन्य सामाजिक प्रमुखाें काे मानदेय शुरू कराया. पीएम आवास, शौचालय, एलपीजी कनेक्शन, अायुष्मान कार्ड, स्कूलाें मेें बेंच-डेस्क, संताली क्लास, शिक्षकाें की बहाली कर समाज काे मुख्यधारा में ले जाने का काम किया. मुख्यमंत्री ने कहा : 2014 में 30 दलाें का गठबंधन बना था. बावजूद देश में एनडीए की सरकार बनी. देश की तकदीर के चुनाव का फैसला जनता के हाथ में हैं.

सविता महतो को बुला कर नहीं दिया टिकट

मुख्यमंत्री ने कहा : झामुमो ने स्व सुधीर महताे की पत्नी सविता महताे काे रांची में बुला कर राज्यसभा का टिकट नहीं दिया. वह राेती-राेती वहां से वापस आयी. झामुमाे ने टिकट दिया दिल्ली के एक कराेड़पति व्यापारी प्रेमचंद गुप्ता काे. हेमंत साेरेन ने स्थानीय नीति बनाने की घाेषणा की थी, यही कह कर अर्जुन मुंडा की सरकार गिरा कर खुद मुख्यमंत्री बने थे.

झामुमो के नेता अब बूढ़े हाे गये हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद और उससे पहले हुए आंदोलन में झामुमो ने राज्य की अस्मिता काे बेचने का काम किया है. यह वह नहीं, बल्कि इस मंच पर मौजूद झामुमो के विधायक और झारखंड आंदाेलन में अपना खून पसीना बहानेवाले स्व टेकलाल महताे के पुत्र जय प्रकाश भाई पटेल बाेल रहे हैं. झामुमाे के बड़े नेताआें काे सिर्फ अपने परिवार की चिंता है. सांसद रिश्वतकांड ने पूरी दुनिया में देश का नाम शर्मसार कर दिया. एक निर्दलीय काे कांग्रेस-झामुमाे ने मुख्यमंत्री बनाया. चार हजार करोड़ से अधिक का घोटाला कराया. इसके बाद उसे जेल भिजवा दिया.

झामुमो के सिंहभूम लाेकसभा क्षेत्र में पांच विधायक हैं, बावजूद वहां मधु के चक्कर में कांग्रेस के हाथ में पार्टी ने टिकट साैंपने का काम किया. कार्यकर्ता काफी नाराज हैं, वे साैदे के पीछे का राज जानना चाहते हैं. झामुमाे अब बूढ़ा माेर्चा हाे गया है. जेपी पटेल जैसे युवाआें की जरूरत है.

इन्होंने भी किया सभा को संबोधित

जमशुदपुर में सभा को मंत्री सरयू राय, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा, आजसू पार्टी के सुप्रीमाे सुदेश महताे, विधायक रामचंद्र सहिस, लक्ष्मण टुडू, मेनका सरदार, साधुचरण महताे, झामुमाे विधायक जयप्रकाश भाई पटेल, दीपक प्रकाश, डॉ दिनेशानंद गाेस्वामी, जदयू के संयाेजक शैलेंद्र महताे समेत अन्य ने भी सभा को संबोधित किया.

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