जमशेदपुर : आउटसोर्स कर्मियों के काम बंद कर धरना देने के दूसरे दिन व्यवस्था पूरी तरह चरमराई
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल और यहां आने वाले मरीजों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. मंगलवार को 96 वार्ड ब्वॉय, 15 ड्रेसर समेत अन्य के काम छोड़ने के बाद बुधवार को 11.30 बजे 28 कम्प्यूटर ऑपरेटरों ने भी काम बंद कर दिया. जिसके बाद रजिस्ट्रेशन कराने के लिए लाइन में लगे […]
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जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल और यहां आने वाले मरीजों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. मंगलवार को 96 वार्ड ब्वॉय, 15 ड्रेसर समेत अन्य के काम छोड़ने के बाद बुधवार को 11.30 बजे 28 कम्प्यूटर ऑपरेटरों ने भी काम बंद कर दिया. जिसके बाद रजिस्ट्रेशन कराने के लिए लाइन में लगे मरीजों ने हंगामा कर दिया.
सूचना मिलने पर आउटसोर्स एजेंसी शिवा प्रोटेक्शन के लोग अस्पताल पहुंचे. रजिस्ट्रेशन काउंटर पर हंगामा को देखते हुए अधीक्षक डॉ एसएन झा ने स्थायी कर्मचारियों को काउंटर पर बैठाकर मैनुअल रसीद बनाने का आदेश दिया.
तब मामला शांत हुआ. वहीं शाम को अधीक्षक डॉ एसएन झा का तबादला करते हुए पाकुड़ का सिविल सर्जन बनाया गया है. उन्हें तत्काल योगदान का आदेश है, लेकिन अधीक्षक के रूप में किसी की नियुक्ति नहीं की गयी है. इसके साथ ही डॉ नारायण उरांव, वरीय रेजीडेंट को धनबाद से एमजीएम अस्पताल में चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है.
आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर अधीक्षक से मिले
अस्पताल में काम बंद करने के बाद 28 कंप्यूटर ऑपरेटर अधीक्षक डॉ एसएन झा से मिले. अधीक्षक ने बताया कि स्वास्थ्य सचिव व सरकार को पत्र लिखा जा चुका है. उस पर अब तक निर्णय नहीं हुआ है.
सरकार से आदेश मिलने के बाद ही उन्हें रखा जा सकता है. आउटसोर्स कर्मचारियों के मामले में स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के महामंत्री अमरनाथ सिंह व जिला अस्पताल शाखा के अध्यक्ष जॉनी मुखी आदि ने अधीक्षक से मिलकर बात की. कर्मचारियों के हटाये जाने के बाद उत्पन्न समस्या का निदान करने को कहा ताकि मरीजों को परेशानी न हो.
सफाईकर्मी कर रहे ड्रेसिंग
ड्रेसर का पद खत्म करने के बाद एकमात्र स्थायी ड्रेसर रह गया है. अब सफाई कर्मियों से ड्रेसिंग कराया जा रहा. इमरजेंसी में आने वाले घायलों की वहीं ड्रेसिंग करते हैं. मंगलवार रात करीब 12 बजे ड्रेसिंग का सामान गायब हो गया था. रात में फिर से स्टोर खोलकर ड्रेसिंग का सामान निकाला गया, तब ड्रेसिंग शुरू हुआ.
अस्पताल प्रबंधन ड्रेसर के पद की स्वीकृति मिलने तक स्थायी सफाईकर्मियों को ड्रेसिंग की ट्रेनिंग कराने पर विचार कर रहा है. अस्पताल में अभी 16 स्थायी स्वीपर हैं. रजिस्ट्रेशन काउंटर व वार्ड में स्थायी वार्ड ब्वॉय को लगाने का निर्णय लिया गया है. यहां 56 स्थायी वार्ड ब्वॉय है.
अस्पताल अधीक्षक ने कर्मचारियों से बनवायी मैनुअल रसीद, जिसके बाद शांत हुआ हंगामा
मेरे दांत में दर्द है. सुबह लगभग आठ बजे अस्पताल पहुंची. काउंटर बंद था. बहुत देर इंतजार के बाद भी मेरा इलाज नहीं हुआ.
चित्रो देवी, तुड़ियाबेडा
बच्चे के आंख में परेशानी है. डॉक्टर को दिखाने के लिए सुबह से आयी थी. रसीद नहीं बन पा रहा है. इससे इलाज नहीं हो सका.
कुमारी देवी, हरहरगुट्टू
आउटसोर्स कर्मचारियों व कंप्यूटर ऑपरेटर के काम बंद करने से परेशानी हो रही है. स्वास्थ्य विभाग को छह पत्र भेजा गया है. अब तक अस्पताल में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका है. सभी जानकारी विभाग को दे दी गयी है.
डॉ एसएन झा, अधीक्षक एमजीएम
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