जमशेदपुर : डबल इंजनवाली सरकार है तभी हुआ काेल्हान में विकास
Updated at : 03 Feb 2019 9:51 AM (IST)
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मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किया राखा और चापड़ी माइंस का भूमि पूजन जमशेदपुर : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शनिवार को हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की 18 वर्षाें से बंद पड़ी राखा माइंस को फिर से शुरू करने के लिए भूमि पूजन किया. चापड़ी कॉपर माइंस के लिए भी भूमि पूजन किया. उन्होंने कहा : काेल्हान में […]
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मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किया राखा और चापड़ी माइंस का भूमि पूजन
जमशेदपुर : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शनिवार को हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की 18 वर्षाें से बंद पड़ी राखा माइंस को फिर से शुरू करने के लिए भूमि पूजन किया. चापड़ी कॉपर माइंस के लिए भी भूमि पूजन किया. उन्होंने कहा : काेल्हान में विकास तभी संभव हाे पाया, क्याेंकि यहां डबल इंजनवाली सरकार काम कर रही है.
केंद्र में पीएम माेदी के नेतृत्व में विकास की याेजनाअाें पर फैसले लेने में किसी तरह की देर नहीं की जाती. वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार विकास की छाेटी-छाेटी संभावनाआें काे धरातल पर उतारने का काम कर रही है. समारोह का आयोजन राखा कॉपर प्रोजेक्ट कार्यालय परिसर मैदान में किया गया था. सांसद विद्युत वरण महताे, विधायक लक्ष्मण टुडू, एचसीएल के सीएमडी संताेष शर्मा भी मौजूद थे.
मुख्यमंत्री ने कहा : धर्मांतरण करानेवालाें की यहां काेई जगह नहीं है. बावजूद इसके यदि लाेग ऐसा करते मिले, ताे उनकी सही जगह हाेटवार जेल हाेगी. उन्हाेंने संथाल-हाे-मुंडा समाज के सभी गुरुआें-प्रमुखाें से अपील की अपनी संस्कृति कि रक्षा के लिए आगे आयें.
50 लाख टन है क्षमता
चापड़ी सिद्धेश्वर और राखा माइंस की क्षमता 50 लाख टन है. सिंहभूम की कुल क्षमता 72 लाख टन तक आगामी पांच वर्षों में पहुंचेगी. पांच सालाें में 70 करोड़ से किया जायेगा विस्तारीकरण
दो हजार लाख टन की क्षमता पर पहुंचने का लक्ष्य. प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 1400 करोड़ का निवेश किया जायेगा.
सरकार को सालाना 100 करोड़ का राजस्व मिलेगा
राखा माइंस से उत्पादन शुरू होने में लग सकते हैं दो साल
पहले साल भर पानी निकालने का काम होगा, इसके बाद खान प्रमाण हासिल करना होगा
बाद में ब्लास्टिंग की जायेगी. इसके बाद उत्पादन होगा शुरू
18000 को रोजगार
आठ हजार लोगों को प्रत्यक्ष और 10 हजार को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा
किसानों पर बोले
केंद्रीय बजट के अनुसार प्रधानमंत्री कृषि सम्मान योजना के तहत प्रत्येक पांच एकड़ तक जमीन पर छह हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में जायेंगे.
राज्य सरकार ने अपने बजट में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत प्रत्येक किसान को प्रति एकड़ पांच हजार और पांच एकड़ पर 25 हजार रुपये देने की घोषणा की है
जिस गरीब किसान के पास एक एकड़ से कम जमीन होगी, उसे 11 हजार सीधे डीबीटी के माध्यम से मिलेंगे
पांच एकड़ जमीन पर 25 हजार राज्य सरकार और छह हजार केंद्र सरकार देगी, यानी कुल 31 हजार रुपये मिलेंगे
संस्कृति, परंपरा और भाषा को बचाये रखना है
मुख्यमंत्री ने कहा : झारखंड की संस्कृति को भी हमें बचाना है. बिरसा मुंडा, तिलका मांझी ने जो संस्कृति हमें सौंपी है, उसे आने वाली पीढ़ी को सौंपनी है. इसलिए मानकी- मुंडा से हमारा अनुरोध होगा कि गांव-गांव में बैठक कर सिद्दाे कान्हू, भगवान बिरसा मुंडा की संस्कृति को बचाये रखने का आह्वान करें. भय, लोभ, लालच से गरीबों के धर्मांतरण पर सरकार सख्त है. उन्होंने कहा : ओलचिकी के रघुनाथ मुर्मू की इच्छा थी कि हमारी भाषा और परंपरा बची रहे. इसलिए बजट में घोषणा की है कि ओलचिकी माध्यम में एक से पांच कक्षा तक बच्चों को शिक्षा दी जायेगी.
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