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यातायात व्यवस्थित करने वाले ट्रैफिक पुलिस खुद अव्यवस्थित

Updated at : 01 Jun 2024 1:48 PM (IST)
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यातायात व्यवस्थित करने वाले ट्रैफिक पुलिस खुद अव्यवस्थित

पुलिस बूथ में गोलमुरी ट्रैफिक थाना संचालित

यातायात व्यवस्थित करने वाले ट्रैफिक पुलिस खुद अव्यवस्थित.कंटेनर में चल रहा मानगो ट्रैफिक थाना तो पुलिस बूथ में है गोलमुरी ट्रैफिक थाना

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– कंटेनर में चल रहा मानगो ट्रैफिक थाना तो पुलिस बूथ में है गोलमुरी ट्रैफिक थाना
निखिल सिन्हा, जमशेदपुर :

Jamhsedpur Traffic Police राज्यों में कानून व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी पुलिस की होती है. इसके अलावा, शहरों में यातायात व्यवस्था को भी पुलिस ही संभालती है. इसलिए इसे Traffic Police भी कहा जाता है. यातायात का नियंत्रित करने का काम आसान नहीं होता है. शहर की यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए ट्रैफिक Policeman को ट्रेनिंग दी जाती है. ताकि शहर की यातायात व्यवस्था ठीक रहे. लेकिन एक ओर यह भी है कि ट्रैफिक को ठीक से चलाने वाली ट्रैफिक पुलिस की ही व्यवस्था ठीक नहीं है. कहीं कंटेनर में ट्रैफिक थाना चल रहा है तो कही पुलिस बूथ में ट्रैफिक थाना संचालित है. ऐसे में ड्यूटी के बाद भी उन लोगों को सही से बैठने तक की जगह नहीं है. ऐसे में या तो वे लोग कंटेनर के छांव में बैठते. करोड़ो रुपये का राजस्व देने वाले ट्रैफिक पुलिस कई समस्याओं के साथ ड्यूटी कर रहे है. 

मानगो ट्रैफिक थाना :

मानगो Traffic police station ट्रैफिक थाना वर्तमान में कंटेनर में चल रहा है. इस कंटेनर को मानगो ब्रिज के बाहर नाली किनारे रखा गया है. छोटे से कंटेनर में संचालित इस थाना के प्रभारी का कक्ष भी उसी थाना में बना हुआ है. मानगो थाना में पदाधिकारी और पुलिसकर्मी मिल कर कुल 40 पुलिसकर्मी है. थाना के सभी कागजात भी उसी कंटेनर रूपी थाना में रखा जाता है. ऐसे में ट्रैफिक पुलिसकर्मी को न तो सही से बैठने की व्यवस्था है और ही शौचालय की. गर्मी के दिनों में तेज धूप में ड्यूटी करने में उन लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कई बार इस थाना के भवन निर्माण को लेकर चर्चा भी हुई. लेकिन अब तक इस पर कोई पहल नहीं हो पाया है. जिसका खामियाजा ट्रैफिक पुलिस को भुगतना पड़ रहा है. 

गोलमुरी ट्रैफिक थाना :

पूर्व एसपी डॉक्टर अजय कुमार के द्वारा बनाया गया पुलिस बूथ में गोलमुरी Traffic police station संचालित है. छोटे से बूथ में न तो थाना प्रभारी के बैठने की सही व्यवस्था है और नही ड्यूटी पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी को. ड्यूटी देने के बाद वे लोग बूथ के किनारे ही खुले में कुर्सी लगा कर बैठते है. इतनी तेज गर्मी में जहां एक ओर लोग घर से निकलने में कतरा रहे है, वहीं ट्रैफिक पुलिस को कड़ी धूप में ड्यूटी करने के बाद भी आराम करने के लिए कोई जगह नहीं है. बूथ में न तो शौचालय है और न ही पीने के पानी की उचित व्यवस्था. पुलिसकर्मी खुद ही घड़ा लगा कर पीने का पानी की व्यवस्था करते है. 

पुराना भवन में चल रहा तीन ट्रैफिक थाना :

वहीं साकची, बिष्टुपुर और जुगसलाई थाना पुराना थाना भवन में चल रहा है. जुगसलाई और बिष्टुपुर पुराना साकची भवन में चल रहा है. वहीं साकची थाना पुराना भवन में ही संचालित है. जुगसलाई थाना भवन में बरसात के मौसम में पानी का रिसाव होता है. वहीं बिष्टुपुर पुराना थाना भवन भी जर्जर की हालत में है. 

4.50 करोड़ राजस्व वसूलता है ट्रैफिक पुलिस :

जमशेदपुर में पांच Traffic police station है. सभी थाना हर वर्ष लगभग 4.50 करोड़ रुपये राजस्व की वसूली करती है. पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक ट्रैफिक थाना हर साल लगभग एक करोड़ का राजस्व वसूलता है. वर्तमान में सभी थाना मिल कर 80 सहायक पुलिस,40 आरक्षी,35 पदाधिकारी, 5 थाना प्रभारी और एक डीएसपी पदस्थापित है. 

यातायात पुलिस का क्या है काम :

यातायात पुलिस का मुख्य काम शहर की ट्रैफिक को कंट्रोल करना और सड़क हादसों को रोकना है. ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए यातायात पुलिस के द्वारा सड़कों पर संकेतक भी लगाए जाते हैं. यातायात पुलिस के जवान ट्रैफिक और सड़क हादसों को कंट्रोल करने के साथ ही यातायात नियमों का पालन भी कराते हैं. नियमों का उलंघन करने वालों से जुर्माना भी वसूलते है.

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Nikhil Sinha

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By Nikhil Sinha

Nikhil Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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