भ्रष्टाचार को लेकर वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय
Published by :PRAVEEN
Published at :02 May 2025 11:00 PM (IST)
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे बरही अंचल का बताया जा है. वीडियो में बरही अंचल कार्यालय में दाखिल खारिज के नाम पर रिश्वत लेने की बात कही जा रही है.
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बरही. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे बरही अंचल का बताया जा है. वीडियो में बरही अंचल कार्यालय में दाखिल खारिज के नाम पर रिश्वत लेने की बात कही जा रही है. वीडियो में बरही अंचल के राजस्व कर्मचारी रितलाल रजक सरीखे दिखने वाले व्यक्ति को रुपये गिनते हुए दिखाया गया है, पर वीडियो में उसकी आवाज सुनाई नहीं पड़ रही है. वीडियो को बरही में एक न्यूज पोर्टल चलाने वाले आरटीआई कार्यकर्ता राजेश केसरी ने वायरल किया है. वायरल वीडियो चर्चा का विषय बन गया है.
फेंक और एडिटेड वीडियो है : सीओ
बरही अंचलाधिकारी अमित किस्कू ने बताया वायरल वीडियो फेंक, फेब्रिकेटेड व एडिटेड है. वीडियो में दिख रहा स्थल बरही अंचल कार्यालय का नहीं है. यह किसी का निजी मकान लगता है. बरही अंचल में दाखिल खारिज में घूस रिश्वत नहीं लिया जाता. दाखिल खारिज नियम संगत व निर्धारित प्रक्रिया से होता है. दाखिल खारिज के अर्हता पूरा करने वाले आवेदनों को निष्पादित किया जाता है. वहीं अधूरे आवेदनों को रद्द किया जाता है. वीडियो में रिश्वत लेकर दाखिल खारिज करने का लगाया गया आरोप बेबुनियाद है. वीडियो में अंचल कार्यालय को बदनाम करने के उद्देश्य से वायरल किया गया है. वीडियो वायरल करने वाले के विरुद्ध नियम संगत कार्रवाई की जायेगी.क्या कहते हैं राजस्व कर्मचारी
इधर, राजस्व कर्मचारी रितलाल रजक ने बताया राजेश केसरी मेरे पास एक ही खाता व प्लॉट का आठ केवला दाखिल खारिज करने के लिए लाया था. सभी का दाखिल खारिज के लिए दबाव बना रहे थे. रजिस्टर-दो की जांच करने पर उक्त खाता -प्लॉट में मात्र दो डिसमिल भूमि ठहर रही थी. इस स्थिति में दो डिसमिल वाले एक केवाला का दाखिल खारिज कर दिया गया और उसके दाखिल खारिज के अन्य छह आवेदनों को रद्द कर दिया गया. इसके बाद से राजेश केशरी मुझे लगातार डरा धमका रहा था. इसके बाद उसके विरुद्ध महिनों पहले मैंने सनहा दर्ज करा दिया है.आरोप सही, मेरे पास सारे सबूत है
वीडियो वायरल करनेवाले राजेश केसरी ने कहा कि बरही अंचल कार्यालय में भारी भ्रष्टाचार है. लैंड पोजिशन सर्टिफिकेट में पांच हजार व दाखिल खारिज में पांच हजार से पचास हजार लिए जाते है. मेरे पास इसके सारे सबूत मौजूद हैं. मैंने राज्य के राजस्व मंत्री को आवेदन दिया है. जांच और कार्रवाई की मांग की है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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