Traffic Jam: झारखंड का बरही चौक 36 घंटे से जाम, गाड़ियों की लगीं लंबी कतारें, भूख-प्यास से बेहाल दिखे लोग

Traffic Jam (File Photo)
Traffic Jam: झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही चौक पर हजारीबाग रोड में करीब 36 घंटे से जाम लगा रहा. जीटी रोड, एनएच-31 और 33 पर हजारों वाहन फंसे रहे. ट्रकों और बसों के अलावा महाकुंभ जानेवाले हजारों श्रद्धालु फंसे रहे.
Traffic Jam: बरही(हजारीबाग)/रांची-हजारीबाग जिले के बरही चौक पर पिछले 36 घंटे से जाम लगा रहा. इससे जुड़नेवाली सड़कें- जीटी रोड, एनएच-31(रांची रोड), एनच-33(पटना रोड) पर भी कई किलोमीटर तक लंबा जाम लगा रहा. रविवार शाम 4:00 बजे से जाम लगना शुरू हो गया था, जो सोमवार देर रात तक जारी रहा. फोरलेन हाइवे पर कई लेन में छोटी-बड़ी गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हैं. इनमें लंबी दूरी के ट्रकों और बसों के अलावा कार और महाकुंभ स्नान ले लिए प्रयागराज जानेवाले यात्रियों के वाहन भी शामिल हैं. थोड़ी सी जगह मिलने पर गाड़ियां एक-दो फीट खिसक कर रुक जा रही हैं. पूरे दिन बरही चौक पर अपने-अपने वाहन को जाम से निकालने के चक्कर में लोग एक-दूसरे से उलझते दिखे. कई घंटों की मशक्कत के बाद सोमवार को दोपहर करीब 3:00 बजे थोड़ी देर के लिए जाम खुला, लेकिन थोड़ी देर में ही जाम फिर विकराल हो गया.
जाम में फंसे लोग भूख-प्यास से बेहाल
महाकुंभ में स्नान के लिए रांची से प्रयागराज गये नयन, नवीन और अर्पित ने अपनी परेशानियां फोन पर ‘प्रभात खबर’ से साझा की. उन्होंने बताया कि वे लोग सुबह करीब 6:00 बजे कार से रांची से प्रयागराज के लिए निकले. बरही, चौपारण तक किसी तरह की परेशानी नहीं हुई. चौपारण के बाद डायवर्सन होने के कारण करीब दो किमी सड़क जाम की स्थिति रही. इसके बाद सासाराम तक उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई, लेकिन सासाराम के बाद लंबा जाम मिला. आठ से नौ किमी लंबा जाम था.
रेंग रही थीं गाड़ियां
स्थिति ऐसी थी कि गाड़ियां रेंग रही थीं. लोग भूख-प्यास से बेहाल थे. स्थानीय कुछ लोग पानी उपलब्ध करा रहे थे. घंटों इसी तरह की जाम की स्थिति बनी रही, फिर किसी तरह जाम खुला, तो आगे बढ़े. आगे जाम नहीं मिला. वाराणसी पहुंचे, मुख्य मार्ग को छोड़ दिया और शॉर्ट होते हुए प्रयागराज पहुंचे. संगम स्थल से करीब 10 किमी पहले कार को रोक दिया गया और कार से आगे जाने की इजाजत नहीं दी. यहां से कुछ लोग पैदल 10 की दूरी तय कर संगम स्थल पहुंच रहे थे, तो कुछ लोग बाइकर्स की मदद से संगम स्थल पहुंचे. बाइकर्स वाले 500-1000 रुपये लेकर लोगों को संगम स्थल पर पहुंचा रहे थे. कुछ ऑटो भी चल रहे थे, लेकिन जितनी संख्या में भीड़ थी, उस हिसाब से ऑटो कम थे. मुश्किल से हम सभी देर रात संगम स्थल पहुंचे और तड़के करीब 3:45 बजे कुंभ स्नान किया, फिर हम लोग अपने रिश्तेदार के यहां चले आये. वहां से दोपहर तीन बजे रांची के लिए प्रस्थान कर गये, लेकिन फिर जाम में फंस गये.
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लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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