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वैज्ञानिक पद्धति से खेती कर आत्मनिर्भर बनें किसान

Updated at : 29 Mar 2025 6:35 PM (IST)
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वैज्ञानिक पद्धति से खेती कर आत्मनिर्भर बनें किसान

शिविर में बरही, बरकट्ठा, पदमा, बड़कागांव, मयूरहंड ब्लॉक के 50 किसानों ने भाग लिया.

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: वर्मी कंपोस्ट बनाने व सब्जी उगाने का दिया गया प्रशिक्षण बरही. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान आइएआरआई गौरियाकरमा में झारखंड की एससीएसपी योजना के तहत दो प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया. 24 से 25 मार्च तक आयोजित शिविर में किसानों को कृषि एवं पशुधन अपशिष्ट से केंचुआ खाद का उत्पादन की विधि व 26 से 28 मार्च तक वैज्ञानिक पद्धति से सब्जियों की खेती करने की विधि बतायी गयी. शिविर में बरही, बरकट्ठा, पदमा, बड़कागांव, मयूरहंड ब्लॉक के 50 किसानों ने भाग लिया. प्रशिक्षण शिविर में आइएआरआई के प्रमुख डॉ विशाल नाथ, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुबोध नीरज, लेखा नियंत्रक प्रशांत कुमार, समन्यवक डॉ दीपक कुमार गुप्ता, वैज्ञानिक (पर्यावरण विज्ञान) डॉ कृष्ण प्रकाश, डॉ पंकज कुमार सिन्हा एवं कोर्स सहायक डॉ मनोज चौधरी, डॉ हिमानी प्रिया, डॉ काशीनाथ तेली, डॉ साहेब पाल, डॉ नरेंद्र सिंह, शांतेश कामथ, अरूण कुमार रजक, जयप्रकाश नारायण ने प्रशिक्षक के तौर पर योगदान दिया. शनिवार को प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र में आइएआरआइ के प्रमुख डॉ विशाल नाथ ने प्रतिभागी किसानों से कहा कि शिविर में जो प्रशिक्षण दिया गया है, उसके अनुसार वर्मी कंपोस्ट खाद बना कर व वैज्ञानिक विधि से सब्जी की खेती करें. इससे आप अपना और अपने परिवार के आर्थिक जीवन को बेहतर बना सकते हैं. मौके पऱ प्रशिक्षण पाये किसानों को कुछ छोटे कृषि उपकरण, वर्मी बेड, मक्का, सब्जी का बीज का किट वितरण किया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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