ममता बनर्जी का आरोप, बोलीं- अभिषेक को अस्पताल में भर्ती होने से रोकने की कोशिश हुई
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 31 May 2026 6:40 AM
ममता बनर्जी (Photo: PTI)
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद एक अस्पताल प्रशासक ने उन्हें बताया कि पुलिस की ओर से उसे लगातार धमकी भरे फोन आ रहे हैं. ममता ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों और अस्पताल पर दबाव बनाया गया.
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार (30 मई) को आरोप लगाया कि दक्षिण 24 परगना में हमले के बाद टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के इलाज को प्रभावित करने की कोशिश की गई. उन्होंने दावा किया कि अस्पतालों और डॉक्टरों पर दबाव बनाया गया ताकि अभिषेक को भर्ती न किया जाए. ममता ने इसे राजनीतिक हस्तक्षेप करार देते हुए राज्य की बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए.
अभिषेक बनर्जी के इलाज का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने अस्पताल की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में भर्ती की जरूरत नहीं थी, तो उन्हें पहले आईटीयू में क्यों रखा गया ? करीब दो घंटे तक निगरानी में क्यों रखा गया और कई मेडिकल जांच व स्कैन कराने की सलाह क्यों दी गई? ममता ने इस मामले में पारदर्शिता की मांग की.
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चेहरे, पीठ, छाती पर चोट के निशान
ममता बनर्जी ने कहा कि हमले के बाद अभिषेक बनर्जी को रात करीब 8:15 बजे से 11 बजे तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया, जिसके बाद उन्हें छुट्टी दी गई. उनके मुताबिक, डॉक्टरों ने चेहरे, पीठ, छाती और गर्दन पर कई चोटों के निशान पाए थे. हड्डी टूटने या अंदरूनी चोट की आशंका को खारिज करने के लिए कई जांच और स्कैन कराने की सलाह भी दी गई थी. ममता ने सवाल उठाया कि दौरे की पूर्व जानकारी होने के बावजूद पुलिस सुरक्षा में चूक कैसे हुई.
अभिषेक के साथ क्या हुआ?
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार को सोनारपुर में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया. जैसे ही अभिषेक बनर्जी वहां पहुंचे, बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें घेर लिया और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने लगे. आरोप है कि कुछ लोगों ने उन पर पत्थर और अंडे फेंके, जबकि कुछ ने लात-घूंसे मारने की भी कोशिश की. हालात बिगड़ते देख सुरक्षाकर्मियों ने अभिषेक को सुरक्षित निकालने के लिए उनके चारों ओर मानव शृंखला बना ली.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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