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गुटवा गांव में ग्रोटो बनाने को लेकर दो पक्ष में तनाव

Updated at : 28 May 2024 9:29 PM (IST)
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गुटवा गांव में ग्रोटो बनाने को लेकर दो पक्ष में तनाव

विवाद के बाद प्रशासन गांव में कर रहा कैंप, दोनों पक्षों को समझाने का किया गया प्रयास

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प्रशासन के समझाने के बाद भी एक पक्ष के लोग ग्रोटो को हटाने की मांग पर अड़े हैं

सिसई.

पुसो थाना के गुटवा गांव में सरकारी गैरमजरूआ जमीन पर ग्रोटो बनाने को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गये. जमीन पर कब्जा को लेकर गांव में तनाव का माहौल है. इसकी जानकारी मिलते एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, इंस्पेक्टर जितेंद्र राम, सीओ नितेश खलखो, सीआइ अजय कुमार, हल्का कर्मचारी ब्रजेश सिंह व दिलीप सिंह मंगलवार को गुटवा गांव जाकर दोनों पक्ष से अलग-अलग मुलाकात कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया है. अधिकारियों ने ग्राम प्रधान की उपस्थिति में दोनों पक्ष से बैठक कर आपसी सहमति से विवादित मामलों का निबटारा करने को कहा है. हालांकि प्रशासन के समझाने के बाद भी दूसरे पक्ष के लोग तत्काल ग्रोटो को हटाने की मांग पर अड़े थे. अभी भी गांव में तनाव बना हुआ है. जानकारी के अनुसार गांव के एक पक्ष के लोगों ने खाता नंबर 63, प्लॉट नंबर 673, रकबा 57 डिसमिल भूमि पर अपना दावा करते हुए उसमें ग्रोटो बना कर रविवार को विनती प्रार्थना की. इसकी जानकारी मिलते दूसरे पक्ष के लोग उक्त भूमि को गैरमजरूआ आम (सरकारी भूमि) बताते हुए ग्रोटो का विरोध कर उससे गिराने का प्रयास करने लगे. इससे दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गये. कुछ लोग समझा-बुझा कर ग्रोटो को तोड़ने से रोका और पुसो थाना व सीओ को इसकी लिखित शिकायत कर ग्रोटो को हटाने की मांग की. एक पक्ष के लोगों का कहना है कि उक्त भूमि पर हमारे समाज का पूर्व से दखल कब्जा रहा है. पहले वहां संत मिखाइल स्कूल चलता था और उक्त भूमि का हाल सर्वे 1977 का खतियान भी कैथोलिक मिशन रांची के नाम से है. तीन साल पहले ग्रोटो बना है. हालांकि अधिकारियों के समझाने पर वे लोग ग्रोटो हटाने को तैयार है. पर उक्त भूमि पर स्कूल बनाना चाहते हैं. वहीं दूसरे पक्ष वालों का कहना है कि उक्त भूमि गैरमजरूआ आम सरकारी परती भूमि है. वर्षों से उक्त भूमि को ग्रामीण चारागाह के रूप में उपयोग करते आ रहे हैं. भूमि पर अवस्थित पेड़-पौधों से जलावन भी प्राप्त करते हैं. स्कूल का अस्तित्व 30-35 साल पहले समाप्त हो चुकी है. 2023 में भी एक समुदाय द्वारा झाड़ी के अंदर चुपके-चुपके ग्रोटो बनाने का प्रयास किया गया था. पकड़े जाने पर अब कभी ग्रोटो नहीं बनाने की बात उनलोगों द्वारा कही गयी था. इन लोगों द्वारा कब झाड़ी के अंदर गुपचुप तरीके से ग्रोटो बना दिया गया. ग्रामीणों को पता नहीं चल पाया. इधर, रविवार को झाड़ी साफ कर विनती प्रार्थना करने पर ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई. दूसरे पक्ष के लोगों ने किसी भी कीमत में सरकारी जमीन पर एक समाज का कब्जा नहीं होने देने पर अड़े हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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