सेविका डुंगडुंग ने अनाथ बच्चों को दिया मां का प्यार

वर्ष 2002 में पांच बच्चों से शुरू हुआ सफर, आज कई बच्चे बन चुके हैं आत्मनिर्भर
पालकोट. पालकोट प्रखंड के बसिया रोड स्थित गांधी नगर बस्ती में संचालित सीजीएम कलवरी गोस्पल मिनिस्ट्री में ममता, सेवा और त्याग की एक प्रेरणादायक कहानी देखने को मिलती है. संस्था की संचालिका सेविका डुंगडुंग ने वर्ष 2002 में पांच गरीब, असहाय और अनाथ बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उठा कर एक छोटे से अनाथालय की शुरुआत की थी. धीरे-धीरे वर्ष 2007 तक संस्था में बच्चों की संख्या बढ़ कर 15 से 18 हो गयी. सेविका डुंगडुंग ने इन सभी बच्चों को एक मां की तरह स्नेह, सुरक्षा और संस्कार दिये. उन्होंने बच्चों की परवरिश केवल जिम्मेदारी के रूप में नहीं, बल्कि मातृत्व भाव से की. आज संस्था में पले-बढ़े सभी बच्चे आत्मनिर्भर होकर अपने पैरों पर खड़े हैं और समय-समय पर अपनी इस मां से संपर्क भी बनाये रखते हैं. इनमें अधिकतर लड़कियां हैं, जो वर्तमान में नर्सिंग के क्षेत्र में कार्य करते हुए समाज सेवा कर रही हैं. इन बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा प्रखंड के आरसी मवि करौंदाबेड़ा में हुई. सेविका डुंगडुंग के जीवन का मुख्य उद्देश्य इन बच्चों की सेवा और उनका भविष्य संवारना रहा. बच्चों के लिए खाना बनाना, उनके कपड़े धोना और बीमारी के समय रात-दिन सेवा करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था. वास्तव में, दूसरों के बच्चों को मां जैसा प्यार और अपनापन देकर उन्हें जीवन में आगे बढ़ाना केवल एक मां के विशाल हृदय से ही संभव है. सेविका डुंगडुंग के त्याग, समर्पण और सेवा ने समाज को यह संदेश दिया है कि मां का स्थान हमेशा सर्वोपरि और दिल के सबसे करीब होता है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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