ePaper

मूल रूप से एक ही धारा से जुड़ी हैं सनातन परंपरा व आदिवासी संस्कृति

Updated at : 07 Mar 2026 10:10 PM (IST)
विज्ञापन
मूल रूप से एक ही धारा से जुड़ी हैं सनातन परंपरा व आदिवासी संस्कृति

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरा होने पर विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन

विज्ञापन

बिशुनपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर शनिवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित बिरसा बाग में विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, सामाजिक कार्यकर्ता व ग्रामीण उपस्थित थे. मुख्य अतिथि भारतीय राजस्व सेवा की अपर आयुक्त निशा उरांव ने कहा कि समाज को अपनी संस्कृति, परंपरा और पहचान की रक्षा के लिए संगठित रहने की जरूरत है. कहा कि सनातन परंपरा और आदिवासी संस्कृति मूल रूप से एक ही धारा से जुड़ी हुई हैं. आदिवासी समाज शुरू से प्रकृति का पुजारी रहा है और जल, जंगल व जमीन को देवतुल्य मान कर उनकी पूजा करते आया है. उन्होंने कहा कि गांवों में सरना स्थल समेत अन्य प्राकृतिक पूजा स्थलों की परंपरा सदियों से चली आ रही हैं. इन स्थलों पर बैगा, पुजार, पईनभरा, कोटवार, महतो जैसे पारंपरिक पदों पर आसीन लोगों को ग्रामसभा द्वारा धार्मिक व सामाजिक अधिकार प्राप्त है. भले ही इसका लिखित प्रमाण हर जगह उपलब्ध न हो. लेकिन यह व्यवस्था समाज की परंपरा और मान्यता से चली आ रही है. यही लोग गांवों में प्राकृतिक पूजा पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन करते हैं और समाज को एक सूत्र में बांधने का काम करते हैं. कहा कि हमें अपनी इस परंपरा और पहचान को समझने और संरक्षित करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जो लोग धर्म परिवर्तन कर समाज के बीच रह रहे हैं. वे कई बार भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा करते हैं. ऐसे मामलों में समाज को सजग और जागरूक रहने की जरूरत है. उन्होंने पेसा कानून को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान पेसा नियमावली से विकास नहीं, बल्कि विनाश की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. पेसा कानून में ग्रामसभा के गठन की प्रक्रिया में स्थानीय समुदाय की भागीदारी कम हो रही है और कई मामलों में इसका निर्णय जिला स्तर के अधिकारी कर रहे हैं, जिससे परंपरागत ग्राम व्यवस्था कमजोर पड़ सकती है. उन्होंने कहा कि इस विषय पर व्यापक चर्चा और समाज की सहभागिता जरूरी है. सम्मेलन में अन्य वक्ताओं ने भी संघ के 100 वर्षों की यात्रा, उसके सेवा कार्यों और समाज में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम में पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव, भिखारी भगत, महेंद्र भगत, रवि उरांव, रामप्रसाद बड़ाइक, केदार साहू, अशोक भारती, बिंदेश्वर साहू, सुरेंद्र मांझी, जगत ठाकुर आदि मौजूद थे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola