संत जॉन मेरी वियानी का जीवन सभी के लिए प्रेरणादायी: बिशप लीनुस

Updated at : 04 Aug 2025 9:44 PM (IST)
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संत जॉन मेरी वियानी का जीवन सभी के लिए प्रेरणादायी: बिशप लीनुस

गुमला धर्मप्रांत के पुरोहितों ने मनाया संत जॉन मेरी वियानी का पर्व

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गुमला. गुमला धर्मप्रांत के पुरोहितों ने शुक्रवार को पुरोहितों के संरक्षक संत जॉन मेरी वियानी का पर्व हर्षोल्लास से मनाया. मौके पर गुमला धर्मप्रांत के सभी 39 पल्लियों के चर्चों में प्रात:कालीन पवित्र मिस्सा बलिदान किया गया. गुमला में संत पात्रिक महागिरजा में मुख्य अनुष्ठाता गुमला धर्मप्रांत के बिशप लीनुस पिंगल एक्का ने मिस्सा अनुष्ठान कराया. मौके पर बिशप ने कहा कि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो परेशानियां चाहे जितनी भी हो, सफलता जरूर मिलती है. आज हम सभी जिस महान संत जॉन मेरी वियानी का पर्व मना रहे हैं, वे इसके उदाहरण हैं. संत जॉन मेरी वियानी का जीवन संघर्षों से भरा रहा है. उन्होंने अपने जीवन में न केवल संघर्ष किया, बल्कि बेमिसाल सफलता भी हासिल की. वे हम सभी के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं. बिशप ने कहा कि संत जॉन मेरी वियानी का जन्म 1784 ईस्वी में आठ मई को फ्रांस के आर्स गांव में हुआ था. अपनी मां की प्रार्थनामय जीवन में बड़ा हो रहा था. उस समय उस गांव में बुराई चरम पर थी. उन्होंने बड़े होने के बाद बुराई के खिलाफ लड़ाई लड़ी. वे किसी से डरे नहीं और आगे बढ़ते रहे. बिशप ने कहा कि संत जॉन मेरी वियानी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायी है. कार्यक्रम में फादर जेफ्रेनियुस तिर्की, फादर नवीन कुल्लू, फादर जीतन, फादर फ्लोरेंस कुजूर, फादर मनोहर खोया, फादर सुशील तिर्की, फादर अगुस्टीन कुजूर, फादर प्रफुल्ल एक्का, फादर वीरेंद्र, फादर कुलदीप, फादर अरविंद, फादर अविनाश, फादर शैलेश, फादर अजीत, फादर मूनसन, फादर खुशमन, फादर डेविड, फादर अमृत, धर्मप्रांतीय काथलिक सभा अध्यक्ष सेतकुमार एक्का, त्योफिल खलखो, नीलम प्रकाश लकड़ा, हिलारूस लकड़ा, चंदन मिंज, प्रेम एक्का, किशोर तिर्की, महिला काथलिक सभा अध्यक्ष फ्लोरा मिंज, सचिव जयंती तिर्की, रजनी पुष्पा तिर्की, दिव्य सरिता मिंज, रोबर्ट टोप्पो, इरीना मिंज, विद्यानी लकड़ा, सेबेस्तीयानी कुजूर, ज्योति सुमिता, रजनी कुजूर, मर्सीला खेस, मंजूला केरकेट्टा आदि मौजूद थे.

संत वियानी पुरोहितों के संरक्षक संत हैं : फादर जेरोम

पल्ली पुरोहित फादर जेरोम एक्का ने कहा कि संत जॉन मेरी वियानी सभी पुरोहितों के आदर्श व पल्ली पुरोहितों के संरक्षक संत हैं. उनके माता-पिता धार्मिक इंसान थे. माता-पिता का गुण संत जॉन मेरी वियानी में भी था. माता-पिता की धार्मिकता से संत जॉन मेरी वियानी इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने न केवल बुराई से जकड़े आर्स गांव में धार्मिकता की नदी बहा दी, बल्कि उन्होंने भी अपना जीवन ईश्वर के चरणों में समर्पित कर दिया. वे स्वयं भी पल्ली पुरोहित थे. वे रोजाना 18 से 20 घंटे तक काम करते थे.

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