लीड :4:::: : शहीद के प्रखंड में भवनों का नर्मिाण रूका

लीड :4:::: : शहीद के प्रखंड में भवनों का निर्माण रूका ब्लॉक भवन, अस्पताल, आइटीआइ, अंचल, क्वार्टर का निर्माण क्यों बंद हुआ. किसी को पता नहीं.1 गुम 7 में अधूरा ब्लॉक भवन जहां पुलिस के जवान सोते हैं, दरवाजे पर लगा पुलिस का ही प्रचार बोर्डजौली विश्वकर्मा, गुमलापरमवीर अलबर्ट एक्का जारी प्रखंड में सरकारी भवनों […]
लीड :4:::: : शहीद के प्रखंड में भवनों का निर्माण रूका ब्लॉक भवन, अस्पताल, आइटीआइ, अंचल, क्वार्टर का निर्माण क्यों बंद हुआ. किसी को पता नहीं.1 गुम 7 में अधूरा ब्लॉक भवन जहां पुलिस के जवान सोते हैं, दरवाजे पर लगा पुलिस का ही प्रचार बोर्डजौली विश्वकर्मा, गुमलापरमवीर अलबर्ट एक्का जारी प्रखंड में सरकारी भवनों के निर्माण पर रोक लग गयी है. भवन का निर्माण क्यों बंद कर दिया गया है. अब दोबारा काम कब शुरू होगा, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है. यहां तक कि प्रशासनिक अधिकारी भी भवन निर्माण बंद होने के कारणों से अनभिज्ञ हैं. जारी में नया ब्लॉक भवन, अस्पताल, आइटीआइ भवन, अधिकारियों के रहने के लिए क्वार्टर बनना है. चार साल पहले इन भवनों के निर्माण पर काम शुरू हुआ था, लेकिन एक साल से काम बंद है. ठेकेदारों ने काम क्यों बंद किया, इस संबंध में कोई बताने को तैयार नहीं है. जारी बीडीओ केवल कृष्ण अग्रवाल ने कहा : भवन का काम क्यों बंद है, इसकी जानकारी मुझे भी नहीं है. भवन नहीं रहने से काम करने में परेशानी हो रही है. क्वार्टर नहीं है. चैनपुर में रहने के लिए एक क्वार्टर मिला है. उसकी दुर्दशा भी खराब है. वहां कोई चपरासी नहीं रह सकता. उसी क्वार्टर मेें बीडीओ को रहना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि अगर भवन बन जाये तो काम करने व रहने में सहुलियत होगी.भाड़े के मकान में चल रहा ब्लॉक कार्यालयब्लॉक का अपना भवन अधूरा है. इस कारण भाड़े के मकान में ब्लॉक का संचालन किया जा रहा है. अंचल कार्यालय भी उसी में चलता है. हालांकि अभी तक अंचल की स्थापना नहीं हुई है. बीडीओ ही सारा कामकाज देखते हैं. कर्मचारियों को बैठने में दिक्कत होती है.ब्लॉक भवन में पुलिस का कब्जाजारी के अधूरे ब्लॉक भवन पर पुलिस का कब्जा है. अधूरे क्वार्टर में भी पुलिस जवान रहते हैं. बताया जा रहा है कि नया थाना भवन बना है. लेकिन वहां पुलिस जवानों के रहने के लिए उचित कमरे व अन्य व्यवस्था नहीं है. जिस कारण जवानों को अधूरे ब्लॉक व क्वार्टर में रहना पड़ रहा है. ठंड में सबसे ज्यादा परेशानी होती है. क्योंकि खिड़की दरवाजे नहीं लगे हैं.सड़क नहीं, पगडंडी से जाते हैंब्लॉक जाने के लिए सड़क नहीं है. थाना के बगल से पगडंडी गुजरती है. पहाड़ भी है. उसी स्थान से लोग किसी प्रकार चढ़ कर ब्लॉक आते-जाते हैं. दूसरी छोर से एक ओर रास्ता है, जो कच्ची मिट्टी का है. चढ़ान भी है. बड़ी गाड़ी इसी रूट से जाती है. लेकिन बरसात में गाड़ी कीचड़ में फंस जाती है.
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