दिल्ली में नकली मोबाइल फैक्ट्री का हुआ भंडाफोड़, जानें कैसे करें असली और फर्जी फोन की पहचान
असली बनाम नकली फोन (Photo: AI Generated)
Original vs Fake Phone: दिल्ली में नकली मोबाइल फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद फर्जी फोन को लेकर अलर्ट बढ़ गया है. सस्ते दामों के लालच में लोग धोखा खा सकते हैं, इसलिए IMEI, पैकेजिंग और सॉफ्टवेयर चेक करके ही असली डिवाइस खरीदना जरूरी है. आइए इसे डिटेल में जानते हैं.
नकली स्मार्टफोन और उनके एक्सेसरीज आज के समय में एक बड़ी समस्या बन चुके हैं. ये सिर्फ आपकी जेब पर ही असर नहीं डालते, बल्कि आपकी हेल्थ और सेफ्टी के लिए भी खतरा बन सकते हैं. खासकर नकली बैटरी और चार्जर आसानी से ओवरहीट होकर गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं. ANI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में दिल्ली पुलिस ने करोल बाग इलाके में नकली मोबाइल प्रोडक्ट्स का बड़ा रैकेट पकड़ा है. वहीं मोती नगर में Oppo, OnePlus और Realme जैसे ब्रांड्स के नकली डिवाइस बनाने वाली एक फैक्ट्री का भी भंडाफोड़ हुआ है.
सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि कई बार लोग अनजाने में ही नकली गैजेट खरीद लेते हैं, क्योंकि ये असली से सस्ते दामों पर मार्केट में मिल जाते हैं. इसी वजह से जरूरी है कि आप अलर्ट रहें और जानें कि असली और नकली प्रोडक्ट की पहचान कैसे की जाए. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं.
IMEI नंबर कंफर्म करें
अपने मोबाइल की असलियत चेक करने का सबसे आसान तरीका है IMEI नंबर को वेरिफाई करना. हर ओरिजिनल फोन का एक यूनिक IMEI नंबर होता है. इसे देखने के लिए बस अपने मोबाइल में *#06# डायल करें, और स्क्रीन पर IMEI नंबर आ जाएगा. अब इस नंबर को अपने फोन के बॉक्स पर लिखे हुए IMEI और बिल इनवॉइस में दिए गए नंबर से मिलाएं. अगर तीनों जगह IMEI नंबर मैच करते हैं, तो आपका फोन पूरी तरह ओरिजिनल है.
इसके अलावा, आप इस IMEI नंबर को सरकार के CEIR पोर्टल पर भी आसानी से वेरिफाई कर सकते हैं. अगर यह नंबर वहां नहीं मिलता या फिर मैच नहीं करता है, तो समझ लीजिए कि डिवाइस नकली (फर्जी) भी हो सकता है.
पैकेजिंग को ध्यान से चेक करें
नकली प्रोडक्ट्स की पहचान अक्सर उनकी पैकेजिंग से ही हो जाती है. अगर बॉक्स ठीक से बना नहीं है, रंग फीके लग रहे हैं, लोगो धुंधला है या कहीं स्पेलिंग की गलतियां दिख रही हैं, तो अलर्ट हो जाइए. ऐसे संकेत बताते हैं कि प्रोडक्ट फेक हो सकता है. वहीं असली स्मार्टफोन की पैकेजिंग हमेशा साफ-सुथरी और प्रोफेशनल होती है. बॉक्स पर सीरियल नंबर सही तरीके से दिया होता है, सीलिंग अच्छी होती है और सभी जरूरी सर्टिफिकेशन मार्क्स भी मौजूद रहते हैं.
भरोसेमंद सेलर से ही फोन खरीदें
जब भी आप नया स्मार्टफोन खरीदें, हमेशा किसी भरोसेमंद और ऑथराइज्ड डीलर या वेरिफाइड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करें. खरीदते समय GST बिल, वारंटी कार्ड और ओरिजिनल इनवॉइस जरूर चेक करें. अगर कोई फोन मार्केट से काफी सस्ते दाम में मिल रहा है, तो थोड़ा सावधान हो जाइए.
सॉफ्टवेयर और बिल्ड क्वालिटी चेक करें
जब आप कोई फोन खरीदते हैं, खासकर अगर वह थोड़ा सस्ता या ऑफर में मिल रहा हो, तो उसके सॉफ्टवेयर और बिल्ड क्वालिटी को जरूर अच्छे से चेक करना चाहिए. कई नकली या कॉपी फोन में आपको शुरुआत में सब ठीक लग सकता है, लेकिन असली परेशानी बाद में सामने आती है. जैसे कैमरा क्वालिटी बहुत खराब होना, फोन का स्लो या लैग करना, और ज्यादा इस्तेमाल करने पर जल्दी गर्म हो जाना.
इसलिए फोन लेने के बाद एक बार सेटिंग्स में जाकर मॉडल नंबर, Android वर्जन और सिक्योरिटी पैच डिटेल्स जरूर चेक करें. ये जानकारी आपको साफ बता देती है कि फोन असली है या नहीं. असली ब्रांड के फोन को समय-समय पर ऑफिशियल अपडेट्स मिलते रहते हैं, जबकि नकली या फर्जी डिवाइस में ये अपडेट या तो आते ही नहीं या फिर बहुत देर से आते हैं.
यह भी पढ़ें: ₹30,000 से कम में खरीदना है दमदार स्मार्टफोन? OnePlus से Vivo तक ये मॉडल बने टॉप चॉइस
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अंकित आनंद
शॉर्ट बायो
अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.
काम के बारे में
अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.
उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.
पढ़ाई और करियर
बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.
प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.
विजन
अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए