बॉटम- सीएम ने पालकोट की बच्ची बिरसमुनी को सम्मानित किया, चेक दिया

Published at :16 Nov 2015 6:27 PM (IST)
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बॉटम- सीएम ने पालकोट की  बच्ची बिरसमुनी को सम्मानित किया,  चेक दिया

बॉटम- सीएम ने पालकोट की बच्ची बिरसमुनी को सम्मानित किया, चेक दिया हेडलाइन…छोटी उम्र में ही कुरीति से जंग का जज्बा प्रभात इंपैक्टपालकोट की बिरसमुनी ने कम उम्र में शादी करने से इनकार कर दिया था.प्रभात खबर में न्यूज छपने के बाद बिरसमुनी को सरकार ने गोद लिया है16 गुम 4 में 15 नवंबर को […]

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बॉटम- सीएम ने पालकोट की बच्ची बिरसमुनी को सम्मानित किया, चेक दिया हेडलाइन…छोटी उम्र में ही कुरीति से जंग का जज्बा प्रभात इंपैक्टपालकोट की बिरसमुनी ने कम उम्र में शादी करने से इनकार कर दिया था.प्रभात खबर में न्यूज छपने के बाद बिरसमुनी को सरकार ने गोद लिया है16 गुम 4 में 15 नवंबर को बिरसमुनी को एक लाख का चेक देते सीएम.प्रतिनिधि, गुमलाबाल विवाह के खिलाफ परिजनों से बगावत कर अपनी शादी रोकने वाली बिरसमुनी कुमारी को राज्य सरकार ने एक लाख रुपये का चेक दिया है. राज्य स्थापना दिवस पर रांची में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास के हाथों बिरसमुनी ने चेक लिया. मौके पर स्थानीय सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री सुदर्शन भगत भी मौजूद थे. बाल विवाह के खिलाफ खड़ा होनेवाली बिरसमुनी की सभी लोगों ने प्रशंसा की है. सुदर्शन भगत ने कहा कि गांव की बेटियां पढ़े व अपने पैरों पर खड़ा हों, तभी शादी करें. कम उम्र में शादी करना कानूनन गलत है. बिरसमुनी पालकोट प्रखंड के बघिमा गांव की रहने वाली है. अभी वह कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल पालकोट में वर्ग छह में पढ़ती है. बिरसमुनी राजकीय बुनियादी स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ती थी. उसी समय उसके पिता ने उसकी शादी तय कर दी थी. 30 अप्रैल 2015 को लगन पान व दो मई-15 को शादी होनी थी. लेकिन बिरसमुनी ने हिम्मत जुटा कर शादी करने से इनकार कर दिया. उसने अपनी अापबीती प्रभात खबर गुमला को बतायी. इसके बाद डीसी, एसपी, डीइओ व डीएसइ को इसकी जानकारी दी गयी. प्रभात खबर की पहल पर प्रशासन भी गंभीर हुआ और बिरसमुनी की शादी को रुकवाया गया.सरकार ने बिरसमुनी को गोद लिया: 30 अप्रैल 2015 को मुख्यमंत्री गुमला आये थे. उन्होंने स्कूल चलें, चलायें अभियान में भाग लिया था. उस समय सीएम ने कहा था कि – मैं प्रभात खबर में बिरसमुनी का न्यूज पढ़ा हूं. उसने बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठायी है. बिरसमुनी को मैं सैल्यूट करता हूं. इसकी मां नहीं है. पिता जबरन शादी करा रहा था. बिरसमुनी ने यह हिम्मत शिक्षा के बल पर दिखायी है. मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये बिरसमुनी को देने की घोषणा की गयी थी. वह पैसा 15 नवंबर को चेक के माध्यम से मिला. जब बिरसमुनी की शादी का समय हो जायेगा, तो उसे यह पैसा मिलेगा. तब तक पैसा उसके बैंक खाते में जमा रहेगा.गरीबी के कारण कर रहे थे शादी बिरसमुनी का परिवार गरीब है. गरीबी के कारण ही परिजन उसे कम उम्र में शादी करा रहे थे. बिरसमुनी की मां भी नहीं है. पांच भाई बहनों में वह छोटी है. परिजनों के अनुसार गरीबी के कारण बिरसमुनी की शादी करा रहे थे. जशपुर जिला के लोदाम के बीते लोहरा से शादी तय हुई थी.

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