लीड :::: माओवादियों के डर से 80 लाख की सड़क नहीं बना

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Oct 2015 6:10 PM

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लीड :::: माओवादियों के डर से 80 लाख की सड़क नहीं बना रूकी घाटी में दो किमी सड़क बननी थीलोगों की मांग के बावजूद नक्सली बनने नहीं दिये.19 गुम 13 में सड़क का हालप्रतिनिधि, घाघराघाघरा प्रखंड के रूकी घाटी में भाकपा माओवादियों ने सड़क बनने नहीं दी. दो साल पहले नक्सलियों ने सड़क का काम […]

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लीड :::: माओवादियों के डर से 80 लाख की सड़क नहीं बना रूकी घाटी में दो किमी सड़क बननी थीलोगों की मांग के बावजूद नक्सली बनने नहीं दिये.19 गुम 13 में सड़क का हालप्रतिनिधि, घाघराघाघरा प्रखंड के रूकी घाटी में भाकपा माओवादियों ने सड़क बनने नहीं दी. दो साल पहले नक्सलियों ने सड़क का काम बंद कराया था. इसके बाद अभी तक काम शुरू नहीं हुआ. वर्ष 2012-2013 में 80 लाख रुपये की लागत से दो किमी सड़क बननी थी. आधा अधूरा सड़क बनी, इसके बाद काम बंद हो गया. जो सड़क बनी, वह भी टूट रही है. ग्रामीणों ने सड़क बनाने की मांग को लेकर बैठक की थी. जिसमें नक्सलियों से सड़क बनाने की अनुमति देने की गुहार लगायी थी. पर नक्सली तैयार नहीं हुए. नतीजा ठेकेदार डर से काम बंद कर दोबारा काम में हाथ नहीं लगाया. अभी उक्त सड़क से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है. सड़क के कारण विकास ठप हैग्रामीण रामलाल लोहरा, खुदी उरांव, मनसु उरांव, राधेश्याम उरांव ने कहा कि रूकी घाटी से होकर दो दर्जन से अधिक गांव के लोग सफर करते हैं. इनमें दीरगांव, विमरला, तुसगांव, बियार, काड़ासिली, बरटोली, हेदमी, कोड़ले, बरांग, खुखराडीह, भेलवाडीह, घाघराट, घुघरूपाट सहित कई गांव है. सड़क के कारण इन गांवों का विकास पूरी तरह ठप है.दो साल पहले सड़क बनाने के दौरान नक्सली आ धमके थे. काम बंद करने की धमकी देते हुए सड़क निर्माण में लगे मशीन व गाड़ियों को जला दिया था. ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं है. अब प्रशासन से नयी योजना लेकर सड़क बनाने की मांग करेंगे.शंभु भगत, सदस्य, जिप, घाघराअभी मैं नयी आयी हूं. सभी पंचायत की समस्या से वाकिफ हो रही हूं. सड़क निर्माण के काम बंद होने का कारण पता कर ठेकेदार से बात कर काम करायेंगे.नीलिमा डुंगडुंग, बीडीओ, घाघरा

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