महिलाओं के प्रति समाज, सरकार व व्यवस्था की सोच हो सकारात्मक, तभी होगी उन्नति

Updated at : 01 Jul 2025 11:31 PM (IST)
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महिलाओं के प्रति समाज, सरकार व व्यवस्था की सोच हो सकारात्मक, तभी होगी उन्नति

महिला संवाद. महिलाओं को राजनीति एवं रोजगार में मिले बेहतर अवसर विषय पर रखी राय

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ठाकुरगंगटी प्रखंड क्षेत्र के अमरपुर पंचायत के संजीवनी आजीविका संसाधन केंद्र धुनिया बांध में प्रभात खबर की ओर से महिला संवाद का आयोजन मंगलवार को किया गया. महिला एसएचजी से जुड़ी महिलाओं के बीच आयोजित संवाद की अध्यक्षता पुष्पा कुमारी ने की.‘महिलाओं को राजनीति एवं रोजगार में मिले बेहतर अवसर’ विषय पर बातें रखीं. इस दौरान महिलाओं ने कहा कि महिलाओं के प्रति समाज, सरकार और व्यवस्था की सोच सकारात्मक रखनी होगी, तभी पूर्ण विकास संभव हो सकेगा. जरूरत है उन्हें और अधिक सहयोग और अवसर देने की. कार्यक्रम में पुष्पा कुमारी, बंदना देवी, सोनी देवी, अफरोजा खातून, ऊषा देवी, अंजू देवी, मंजू देवी, नूतन देवी, चंदा देवी, चिंता देवी सहित दर्जनों महिलाएं उपस्थित थीं. अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए महिलाओं ने कहा कि प्रभात खबर के इस अभियान से गांव-गांव में महिलाओं को जागरूक करने में मदद मिल रही है. इसने समाज में नयी किरण दिखाने का काम किया है. अब महिलाओं को अपना अधिकार मिले, तो महिलाएं स्वावलंबी होंगी. कार्यक्रम का संचालन प्रतिनिधि पवन कुमार सिंह ने किया.

किसने क्या कहा

राजनीति से लेकर रोजगार तक, यदि महिलाओं को बेहतर अवसर दिए जायें, तो समाज का समग्र विकास निश्चित है. आज महिलाएं कई मामलों में पुरुषों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं.

-पुष्पा कुमारी

महिलाओं को आर्थिक रूप से सुरक्षित रखने व चुनावों में अधिक प्रतिनिधित्व दिया जाये, तो इससे न सिर्फ महिलाओं का बल्कि गरीब और वंचित वर्गों का भी समग्र विकास संभव होगा.

-बंदना कुमारी

अक्सर देखा गया है कि जब महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जुड़ने या रोजगार के अवसर मिलते हैं, तो वे पुरुषों की तुलना में आगे निकल जाती हैं. इसलिए अवसर मिलना ज़रूरी है.

-सोनी कुमारी

विकास के लिए राजनीतिक सहयोग आवश्यक है. महिलाएं जब स्वयं निर्णय लेती हैं, तो वे समाज के लिए भी बेहतर व्यवस्था स्थापित कर सकती हैं. विकास की गति बढ़ाने में भागीदारी जरूरी है.

-अफरोजा खातून

पंचायती राज व्यवस्था के तहत महिलाओं को पहले से पंचायत और प्रखंड स्तर पर जोड़ा गया है, लेकिन उनकी भागीदारी पुरुषों की तुलना में कम है. ज़रूरत है इसे सशक्त बनाने की.

-उषा देवी

सरकार महिलाओं को रोजगार देने के प्रति गंभीरता दिखाये. इसके लिए बैंकिंग प्रक्रियाओं को सुलभ बनाया जाये, ताकि महिलाएं बिना किसी बाधा के योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें.

-अंजु देवी

महिलाएं आगे बढ़तीं हैं तो उसका लाभ केवल परिवार को नहीं, बल्कि समाज को होता है. लेकिन आज भी महिलाएं रोज़ाना चुनौतियों से जूझ रही हैं, जो किसी भी प्रगतिशील समाज के लिए ठीक नहीं.

-मंजू देवी

महिलाएं मुश्किलों का सामना करने के बाद भी हार नहीं मानतीं. ऐसे में ज़रूरी है कि उन्हें समाज और सरकार दोनों का सहयोग मिले, ताकि वे आत्मविश्वास से आगे बढ़ सकें.

-नूतन देवी

महिलाओं के सामने आज भी पुरुष प्रधान मानसिकता की चुनौती है. महिला को जिम्मेदारी मिलती है, तो समाज का एक वर्ग सहजता से स्वीकार नहीं कर पाता. वक्त है सोच बदलने का.

-चंदा देवी

जब तक समाज, सरकार और व्यवस्था की सोच महिलाओं के प्रति सकारात्मक नहीं होगी, तब तक उनका पूर्ण विकास संभव नहीं है. जरूरत है उन्हें और अधिक सहयोग और अवसर देने की.

– चिंता देवीB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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