खाने की पैकिंग में लोहे के पिन और तारों पर बैन, नियम तोड़ने वाले दुकानदारों पर होगी जेल-जुर्माना

Food Safety Alert
Food Safety Alert : भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए खाने-पीने की चीजों, केक और पार्सल की पैकिंग में स्टेपलर पिन, लोहे के तारों या मेटल की चीजों के इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगा दी है.
Food Safety Alert : बाहर से समोसा, कचौड़ी, मिठाई या केक खरीदते समय क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि दुकानदार उसके डिब्बे या थैली को बंद करने के लिए स्टेपलर पिन का इस्तेमाल करते हैं? अगर हां, तो अब ऐसा नहीं होगा.
देश की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा संस्था FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) ने शुक्रवार को सभी फूड बिजनेस ऑपरेटरों (FBOs) को आदेश दिया है कि वे खाने की पैकिंग में मेटल पिन, स्टेपलर पिन या लोहे के तारों का इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें. FSSAI का साफ कहना है कि यह लापरवाही उपभोक्ताओं की जान और सेहत के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकती है.
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
फूड रेगुलेटर के पास हाल ही में ऐसी कई शिकायतें आईं, जिनमें सजावटी केक (Decorative Cakes), मिठाई के डिब्बों, स्नैक्स के पैकेट और रेस्टोरेंट से मिलने वाले टेकअवे फूड पार्सल में स्टेपलर की पिने या मेटल के तार धंसे हुए पाए गए.
FSSAI के कार्यकारी निदेशक (अनुपालन रणनीति) डॉ. अमित शर्मा के हस्ताक्षर से जारी इस एडवाइजरी में कहा गया है कि यह लापरवाही बेहद खतरनाक है. अनजाने में अगर कोई ग्राहक खाने के साथ इन नुकीली मेटल की चीजों को निगल लेता है, तो उसे गंभीर अंदरूनी चोटें आ सकती हैं और उसकी जान को भी खतरा हो सकता है.
नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
फूड रेगुलेटर ने देश के सभी हलवाइयों, बेकरी मालिकों, रेस्टोरेंट और पैकेज्ड फूड बनाने वाली कंपनियों को सख्त चेतावनी दी है. अगर कोई भी दुकानदार या कंपनी इस आदेश का पालन नहीं करती है, तो उसके खिलाफ ‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006’ के कड़े प्रावधानों के तहत कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. इसमें भारी जुर्माना और दुकान का लाइसेंस रद्द होने जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है.
ग्राहकों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता
सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश में फूड सेफ्टी के मानकों को और अधिक मजबूत करना है. पैकेजिंग के दौरान होने वाली ऐसी छोटी लेकिन गंभीर गलतियों को रोककर आम जनता को एक सुरक्षित और स्वच्छ खान-पान का माहौल देना ही इस नए नियम का असल मकसद है.
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By Abhishek Pandey
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