वैशाली में सरकारी शिक्षकों के निजी ट्यूशन और कोचिंग चलाने पर सख्ती, पकड़े जाने पर होगी विभागीय कार्रवाई

Published by : Vivek Pandey Updated At : 13 Jun 2026 2:42 PM

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सांकेतिक तस्वीर

Hajipur News: वैशाली जिला प्रशासन ने सरकारी शिक्षकों को निजी ट्यूशन और कोचिंग से दूर रहने की चेतावनी दी है. शिकायत सही मिलने पर विभागीय जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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Hajipur news: (कैफ अहमद) वैशाली जिले में निजी ट्यूशन और कोचिंग चलाने वाले सरकारी शिक्षकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. बिहार सरकार के शिक्षा विभाग से प्राप्त निर्देशों के बाद स्पष्ट किया गया है कि सरकारी विद्यालयों में कार्यरत कोई भी शिक्षक यदि निजी ट्यूशन, कोचिंग संस्थान या अन्य व्यावसायिक शिक्षण गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

सरकारी स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होने पर जताई चिंता

प्रशासन का कहना है कि सरकारी शिक्षकों की पहली और सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है. निजी ट्यूशन और कोचिंग में संलिप्तता से सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होती है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.

अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश

जिला प्रशासन ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और विद्यालय प्रधानों को नियमित निगरानी रखने का निर्देश दिया है. साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सरकारी शिक्षक निर्धारित नियमों का पालन करें और पूरी निष्ठा के साथ विद्यालयी कार्यों का निर्वहन करें.

शिकायत मिलने पर होगी जांच और कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी सरकारी शिक्षक के खिलाफ निजी ट्यूशन या कोचिंग चलाने की शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी जांच कराई जाएगी. आरोप सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

छात्रों के हितों से समझौता बर्दाश्त नहीं

जिलाधिकारी ने कहा कि छात्रों के हित सर्वोपरि हैं और उनके भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. प्रशासन की नजर ऐसे मामलों पर लगातार बनी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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लेखक के बारे में

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विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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