प्याज की कीमतों में आ सकता है बड़ा उछाल, सरकार ने बढ़ाई खरीद दर; पर किसान अब भी नाखुश

Published by : Abhishek Pandey Updated At : 13 Jun 2026 2:02 PM

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Onion Price Rise : देश में बढ़ती खुदरा महंगाई के बीच अब प्याज की कीमतें भी आम आदमी को परेशान कर सकती हैं. सरकार ने अपने बफर स्टॉक के लिए प्याज की खरीद दर बढ़ा दी है, जिसके बाद खुले बाजार में इसके दाम बढ़ने की पूरी आशंका है.

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Onion Price Rise : देशभर में आम आदमी पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रहा है. हाल ही में जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत की खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) बढ़कर 3.93 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जिसने घर का बजट बिगाड़ दिया है.

अब इस मोर्चे पर एक और परेशान करने वाली खबर आ रही है. आने वाले दिनों में आपकी रसोई से प्याज भी गायब हो सकती है या इसके लिए आपको ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ सकती है. दरअसल, सरकार ने किसानों से प्याज खरीदने की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है.

सरकार का नया फैसला और इसके मायने

किसानों को राहत देने और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने अपने बफर स्टॉक (आपातकालीन रिजर्व) कार्यक्रम के तहत प्याज की खरीद दर को बढ़ा दिया है. पहले सरकार किसानों से 15.80 रुपये प्रति किलो के भाव से प्याज खरीद रही थी, जिसे अब बढ़ाकर 16.50 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है.

ये नई दरें शनिवार से प्रभावी हो जाएंगी. अर्थशास्त्र का सीधा नियम है कि जब सरकार ऊंचे दामों पर फसल खरीदेगी, तो आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में भी आम उपभोक्ताओं के लिए प्याज की कीमतें बढ़ना तय है.

किसान अब भी क्यों हैं नाखुश ?

हैरानी की बात यह है कि सरकारी रेट में इस बढ़ोतरी के बावजूद देश में सबसे ज्यादा प्याज उगाने वाले राज्य महाराष्ट्र के किसान इस फैसले से खुश नहीं हैं. किसानों का तर्क है कि हाल के दिनों में खेती की लागत जैसे बीज, खाद, कीटनाशक और मजदूरी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है.

किसानों की मांग है कि सरकार को कम से कम 30 रुपये प्रति किलो के भाव से प्याज खरीदनी चाहिए. हालांकि, जानकारों का मानना है कि अगर सरकार ने किसानों की मांग मानकर खरीद दर को दोगुना किया, तो खुले बाजार में प्याज की कीमतें आसमान छूने लगेंगी और आम जनता पर बहुत बड़ा आर्थिक बोझ आ जाएगा.

सब्जियों के दामों में पहले ही लग चुकी है आग

प्याज की इस संभावित तेजी से पहले ही कई अन्य सब्जियां लोगों का जायका बिगाड़ चुकी हैं. मई महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो

  • टमाटर: इसकी कीमतों में रिकॉर्ड 48.43 प्रतिशत का भारी उछाल देखा गया है.
  • अदरक: इसके दाम भी 32.49 प्रतिशत तक तेज हो चुके हैं.

आर्थिक मोर्चे पर चौतरफा दबाव

महंगाई के इस दौर में केवल घरेलू कारण ही जिम्मेदार नहीं हैं. वैश्विक स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध व तनाव के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था पर पिछले कई महीनों से लगातार दबाव बना हुआ है. अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते आने वाले समय में महंगाई के आंकड़े और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जो आम आदमी की चिंताओं को और बढ़ा सकता है.

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लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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