72 घंटे बाद भी शैलेंद्र भगत की हत्या का मास्टरमाइंड नहीं पकड़ाया

Updated at : 06 Apr 2024 11:30 PM (IST)
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72 घंटे बाद भी शैलेंद्र भगत की हत्या का मास्टरमाइंड नहीं पकड़ाया

हत्याकांड में तीन-चार अपराधी अब भी हैं फरार

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गोड्डा/पोड़ैयाहाट. पोडैयाहाट में शैलेंद्र भगत हत्याकांड के 72 घंटे बीत जाने के बावजूद घटना को अंजाम देने वाला मास्टरमाइंड पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है. हत्याकांड से जुडे कांड में संलिप्त तीन-चार अपराधी अभी भी फरार हैं. सूत्रों के अनुसार हत्याकांड का मास्टरमाइंड अंकित यादव व बिट्टू यादव भी इनमें शामिल है. पोड़ैयाहाट की पुलिस नहीं पकड़ पायी है. अंकित यादव व बिट्टू यादव ने भी हत्याकांड को अंजाम दिया था. अंकित ने ही शैलेंद्र भगत को तीन-तीन गोली मारी थी. बिट्टु बाइक पर सवार था. गोली मारने के साथ ही बिट्टु तेजी से बाइक चलाकर अंकित को लेकर बिहार की सीमा में प्रवेश कर गया था. पुलिस के अनुसार भले ही हत्या के कारणों में आपसी रंजिश अथवा मारपीट की बातों को सामने रखा जा रहा है. मगर सूत्रों की माने तो पिछले जनवरी में पोड़ैयाहाट में गोलीकांड को अंजाम देकर गिरधारी यादव की हत्या कर दी गयी थी. ठीक दो माह बाद शैलेंद्र भगत हत्याकांड को अंजाम दिया जाना किसी बड़ी साजिश के साथ जोड़ कर देखा जा रहा है. बताया जाता है कि गिरधारी यादव हत्याकांड में अंकित यादव भी शामिल था. हत्याकांड में शामिल अंकित भी पुलिस पकड से बाहर है. हत्याकांड में शामिल मात्र दो लोगों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था. दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, उन दो में से अंकित का नाम शामिल बताया जाता है. इधर, गिरधारी के बाद अंकित ने शैलेंद्र भगत हत्याकांड को अंजाम दिया है. इस मामले में शैलेंद्र भगत के पुत्र की बकझक व मारपीट की घटना बोहरा के बिट्टु यादव से हुई थी. पुलिस सूत्रों की माने तो दोनों हत्याकांड को आपस में जोड़ कर देखा जा रहा है. सूत्रों के अनुसार हत्याकांड की वजह तीसरा भी हो सकता है.. जरूर किसी के द्वारा दोनेा हत्याकांड से अपना मतलब साधा गया है. भले इन दोनों को कंधे का इस्तेमाल किया गया हो. इस क्षेत्र में शराब माफिया भी सक्रिय हैं. सूत्रों की माने तो अवैध शराब तस्करी की सूचना पूर्व में इन दोनों के द्वारा पुलिस को दी गयी थी. इसके बाद शराब की बड़ी खेप पुलिस को हाथ लगी थी. संभवत इसका बदला साधने के लिए शराब माफिया के द्वारा दोनों की हत्या कराकर अपना बदला साध लिया गया हो. पुलिस आपसी रंजिश की घटना ही मान रही है. परिजनों के द्वारा भी आपसी रंजिश का जिक्र किया गया है. पुलिस इस मामले में अनुसंधान कर रही है. विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है. पुलिस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए बिहार के बौंसी तक गयी है. हत्याकांड का संपर्क सूत्र बौंसी का श्याम बाजार भी था. पकड़ाये अपराधियों का ठिकाना भी बौंसी बाजार रहा है. जानकारों के अनुसार बौंसी के श्याम बाजार का अंकित यादव भी हत्यारोपी बिट्टू व अंकित के संपर्क में है. वहां कई बार इन लोगों के द्वारा अपना ठिकाना बनाया गया है. पुलिस के लिए सिरदर्द बना डेविल्स गिरोह ग्रामीण सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से डेविल्स गिरोह की गतिविधियां कम हुई.पर फिर गिरोह पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया था. एसपी के द्वारा अभियान चला कर कार्रवाई की गयी थी. मालूम होगा कि गोड्डा काॅलेज के पास हत्याकांड के बाद पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को चिह्नित कर पकड़ने में जुट गयी है. तब पुलिस को पता चला था कि इसमें गिरोह के कई सदस्य ब्राउन सुगर नशे के आदि हो चुके हैं. पदाधिकारियों का पक्ष हत्याकांड शामिल अन्य आरोपियों को गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. जल्द ही कांड का उद्भेदन कर मास्टरमाइंड को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जायेगा. विपिन यादव, थाना प्रभारी, पोड़ैयाहाट

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