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संप में सर्वाधिक गोड्डा के 917 किसानों को मिला पीएम कुसुम योजना लाभ

Updated at : 10 Dec 2025 8:01 PM (IST)
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संप में सर्वाधिक गोड्डा के 917 किसानों को मिला पीएम कुसुम योजना लाभ

झारखंड सरकार की पीएम-कुसुम योजना के तहत सोलर पंप किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। झारखंड के गोड्डा जिले के 917 किसानों ने इसका लाभ लिया, जबकि रांची में सबसे अधिक 1200 किसानों को सोलर पंप मिले हैं। हालांकि, धनबाद, दुमका, जामताड़ा, लोहरदगा, साहेबगंज, सिमडेगा और चाईबासा जिलों के किसानों को अभी तक इसका लाभ नहीं मिला है। लगभग 14,000 किसानों ने रकम जमा की पर पंप नहीं मिले, जिससे वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। 2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 97% सब्सिडी प्रदान करती हैं। अधिकारी कहते हैं कि योजना से लाभ पाने वाले किसान बेहतर खेती कर रहे हैं।

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धनबाद, दुमका, जामताड़ा, लोहरदगा, साहेबगंज, सिमडेगा और चाईबासा के किसान रहे वंचित निरभ किशोर, गोड्डा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलायी जा रही हैं, लेकिन इनमें से केवल कुछ ही योजनाओं का फायदा किसानों को मिल पा रहा है. चाहे वह संबंधित विभाग हो या अन्य कोई सुविधा, किसान अभी भी अनेक सुविधाओं से वंचित हैं. प्रधानमंत्री किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम-कुसुम) योजना भी ऐसी ही एक योजना है. इस योजना के अंतर्गत संताल परगना के गोड्डा जिले के 917 किसानों ने लाभ प्राप्त किया है. इसमें 2 हॉर्सपावर के 651, 3 हॉर्सपावर के 174 तथा 5 हॉर्सपावर के 92 किसानों को कुल 917 किसानों को सोलर पंप मिला है. वहीं, राज्य में रांची जिला सबसे आगे है, जहां 1200 किसानों को लाभ मिला है. जबकि संताल परगना के अन्य जिले इस योजना के लाभ से वंचित हैं. अनुदानित दर पर उपलब्ध कराये जाते हैं सोलर पंप इस योजना के तहत अनुदानित दर पर सोलर पंप उपलब्ध कराए जाते हैं. झारखंड के 24 जिलों के 264 प्रखंडों के सभी किसानों को इस योजना का लाभ दिया जाना था. वर्ष 2025 तक 17 जिलों के 7438 किसानों को सोलर चालित पंप सेट इंस्टॉल किए गए हैं. लेकिन धनबाद, दुमका, जामताडा, लोहरदगा, साहेबगंज, सिमडेगा और चाईबासा जिलों के किसी भी किसान को अभी तक इस योजना का लाभ नहीं मिला है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 14,000 से अधिक किसानों ने अलग-अलग हॉर्सपावर के सोलर पंप के लिए क्रमशः 2 हॉर्सपावर के लिए 5 हजार, 3 हॉर्सपावर के लिए 7 हजार और 5 हॉर्सपावर के लिए 10 हजार रुपये की राशि झारखंड राज्य विद्युत विकास एजेंसी (जेडएआरईडीए) के खाते में ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करवाई थी, लेकिन अब तक न तो किसानों को राशि वापस मिली है और न ही सोलर पंप प्राप्त हुए हैं. इसी कारण किसान अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. 2019 में भारत सरकार ने लागू की थी योजना पीएम-कुसुम योजना को भारत सरकार ने वर्ष 2019 में लागू किया था. इस योजना के तहत किसानों को सबल बनाने और सिचाई के साधन उपलब्ध कराने के लिए अनुदानित दर पर पानी के पंप दिए जाने का निर्णय लिया गया था. विभिन्न हॉर्सपावर वाले सोलर पंप प्रदान किए जाने थे और सोलर मोटर पंप की आपूर्ति जेडएआरईडीए के तहत की जानी थी. झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां पीएम-कुसुम योजना के तहत सबसे अधिक सब्सिडी दी जा रही है. योजना के कंपोनेंट बी के अंतर्गत लगाए जाने वाले सौर ऊर्जा आधारित पंप की लागत पर केंद्र सरकार 30 फीसदी और राज्य सरकार 67 फीसदी तक की सब्सिडी प्रदान करती है. इस प्रकार किसान को केवल 3 से 4 प्रतिशत राशि देकर सौर ऊर्जा पंप दिया जाता है. वर्ष 2025 में विभिन्न जिलों के किसानों के खेतों में इंस्टॉल किए गए सोलर पंप की संख्या इस प्रकार है: | जिले का नाम | 2 एचपी | 3 एचपी | 5 एचपी | कुल किसानों की संख्या | |———————|——–|——–|——–|————————| | 1. रांची | 810 | 214 | 176 | 1200 | | 2. हजारीबाग | 535 | 486 | 94 | 1115 | | 3. गोड्डा | 651 | 174 | 92 | 917 | | 4. गढ़वा | 449 | 262 | 23 | 834 | | 5. गिरीडीह | 324 | 203 | 151 | 678 | | 6. पलामू | 469 | 172 | 6 | 653 | | 7. कोडरमा | 285 | 115 | 57 | 457 | | 8. खूंटी | 281 | 87 | 48 | 416 | | 9. देवघर | 196 | 102 | 54 | 352 | | 10. बोकारो | 197 | 74 | 17 | 288 | | 11. रामगढ़ | 136 | 64 | 48 | 218 | | 12. जमशेदपुर | 69 | 23 | 1 | 93 | | 13. पाकुड़ | 22 | 24 | 12 | 58 | | 14. लातेहार | 44 | 2 | 9 | 55 | | 15. गुमला | 37 | 15 | 0 | 52 | | 16. चतरा | 16 | 19 | 9 | 44 | | 17. सरायकेला-खरसावां| 5 | 2 | 1 | 8 | | 18. धनबाद | 0 | 0 | 0 | 0 | | 19. दुमका | 0 | 0 | 0 | 0 | | 20. जामताड़ा | 0 | 0 | 0 | 0 | | 21. लोहरदगा | 0 | 0 | 0 | 0 | | 22. साहेबगंज | 0 | 0 | 0 | 0 | | 23. सिमडेगा | 0 | 0 | 0 | 0 | | 24. चाईबासा | 0 | 0 | 0 | 0 | क्या कहते हैं पदाधिकारी जिन जिलों के किसानों ने इस योजना का लाभ लिया है, वे बेहतर खेती कर रहे हैं. यह एक उपयोगी योजना है जिससे किसान उन्नत हो रहे हैं.” अभिजीत शर्मा, डीएओ, गोड्डा

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