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ग्रामीणों ने अनिश्चितकाल के लिए कोयला ढुलाई किया बाधित, करोड़ों का नुकसान

Updated at : 19 Sep 2024 10:54 PM (IST)
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ग्रामीणों ने अनिश्चितकाल के लिए कोयला ढुलाई किया बाधित, करोड़ों का नुकसान

पूर्व निर्धारित त्रिपक्षीय वार्ता में नहीं पहुंचे कंपनी प्रबंधन के अधिकारी, आक्रोशित हुए ग्रामीण

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राजमहल कोल परियोजना अधीनस्थ हुर्रासी कोयला खनन क्षेत्र में कार्यरत प्राइवेट कंपनी मोंटे कार्लो के कोयला ढुलाई के कार्य को क्षेत्र के ग्रामीणों ने दोपहर एक बजे से अनिश्चितकालीन के लिए बाधित कर दिया. इससे कंपनी का करोड़ों का नुकसान हुआ है. कंपनी प्रबंधन सड़क मार्ग से ट्रक द्वारा कोयले की ढुलाई कर राजमहल परियोजना ले जाती है. सड़क मार्ग बाधित होने से कोयला ढुलाई पूरी तरह से बंद हो गया, जिससे कंपनी को नुकसान पहुंचा है.

कंपनी की मनमानी चरम सीमा पर : ग्राम प्रधान

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ग्राम प्रधान देवीलाल सोरेन ने कहा कि प्राइवेट कंपनी की मनमानी चरम सीमा पर है. कंपनी प्रबंधन द्वारा ग्रामीणों की समस्या को समाधान के लिए त्रिपक्षीय वार्ता के लिए गुरुवार को डुमरिया के फुटबॉल मैदान में बैठक निर्धारित किया गया था. लेकिन कंपनी के कोई भी प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुए. सिर्फ परियोजना के पदाधिकारी ही बैठक में पहुंचे. इसके बाद ग्रामीणों की समस्या को लेकर कोई भी वार्ता नहीं हो सकी. आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर धरना प्रदर्शन कर कंपनी के कोयला ढुलाई को अनिश्चितकालीन के लिए बंद कर दिया. ग्राम प्रधान ने कहा कि 18 मार्च 2023 वर्ष को महागामा अनुमंडल पदाधिकारी एवं परियोजना प्रबंधन के समक्ष मोंटे कार्लो कंपनी के प्रबंधन ने क्षेत्र के 130 बेरोजगार युवक को कंपनी में रोजगार देने का लिखित आश्वासन दिया था. लगभग दो वर्ष बीत जाने के बाद भी कंपनी प्रबंधन द्वारा कोई भी सकारात्मक पहल नहीं की गयी. मजबूरन ग्रामीण को आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ा. ग्राम प्रधान ने बताया कि क्षेत्र के लोग कंपनी के कोयला खनन कार्य से काफी प्रभावित है. कोयला के धूलकण से ग्रामीण गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. प्रभावित लोगों ने अपनी कीमती जमीन देकर कंपनी को स्थापित किया, लेकिन कंपनी प्रबंधन रैयतों का शोषण कर रही है. प्रबंधन अनुमंडल पदाधिकारी के आदेश का भी उल्लंघन कर रही है.

बाहरी लोगों को नौकरी देने का लगाया आरोप

कंपनी में बाहरी लोगों को रोजगार में रखा गया है, जबकि क्षेत्र के प्रभावित लोग बेरोजगार घूम रहे हैं. कंपनी प्रबंधन झूठा रिपोर्ट बनाकर लोगों को गुमराह कर रही है. कंपनी में राजमहल परियोजना के कई पदाधिकारी के रिश्तेदार नौकरी पर कब्जा किये हुए हैं. धरना प्रदर्शन पर उपस्थित सैकड़ों ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन के विरोध में जोरदार नारेबाजी की. ग्रामीणों ने कहा कि सुबह 10:00 से वार्ता के लिए कंपनी प्रबंधन का ग्रामीणों ने इंतजार किया. लेकिन कंपनी के कोई भी प्रतिनिधि वार्ता स्थल पर नहीं पहुंचे. मजबूर होकर ग्रामीण कंपनी के कोयला ढुलाई कार्य को बंद किया है.

ग्रामीणों की मांग अनुचित : प्रबंधक

कंपनी के प्रबंधक केके सिंह ने कहा कि क्षेत्र के 185 युवकों को कंपनी में नौकरी दी गयी है. गांव वालों को कमेटी बनाने के लिए कहा गया था. ग्रामीणों की मांग अनुचित है. मौके पर परियोजना के पदाधिकारी संजय कुमार, विजय कुमार, पीएस धर आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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