रिम्स के पीजी छात्र डॉ सानु सनल बरवार की संदिग्ध मौत, जांच में जुटी पुलिस

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रिम्स में पीजी फर्स्ट ईयर के छात्र डॉ सानु सनल बरवार. फोटो: प्रभात खबर

Ranchi News: रांची के रिम्स में सर्जरी विभाग के पीजी प्रथम वर्ष के छात्र डॉ सानु सनल बरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. उनका शव कटहल मोड़ स्थित मकान से बरामद हुआ. पुलिस मामले की जांच कर रही है. डॉ. सानु स्वास्थ्य विभाग के पूर्व निदेशक डॉ हिमांशु शेखर के पुत्र थे. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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रांची से प्रणव की रिपोर्ट

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची स्थित राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) के सर्जरी विभाग में पोस्ट ग्रेजुएट प्रथम वर्ष के छात्र डॉ. सानु सनल बरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इस घटना के बाद चिकित्सा जगत और रिम्स परिसर में शोक की लहर दौड़ गई है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और मौत के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.

कटहल मोड़ स्थित मकान से मिला शव

जानकारी के अनुसार 32 वर्षीय डॉ सानु सनल बरवार का शव रांची के कटहल मोड़ स्थित एक मकान से बरामद किया गया. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक जांच-पड़ताल शुरू की. इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा.

मौत से सहपाठी और शिक्षक स्तब्ध

डॉ सानु सनल बरवार रिम्स के सर्जरी विभाग में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) प्रथम वर्ष के छात्र थे. वे चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे थे. उनकी अचानक हुई मौत ने सहपाठियों, शिक्षकों और चिकित्सकों को स्तब्ध कर दिया है. रिम्स प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है.

चिकित्सा क्षेत्र से रहा गहरा पारिवारिक जुड़ाव

मृतक डॉ. सानु सनल बरवार का परिवार झारखंड के चिकित्सा क्षेत्र में काफी सम्मानित माना जाता है. वे झारखंड स्वास्थ्य विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. हिमांशु शेखर के पुत्र थे. उनके निधन की खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा समुदाय के कई लोगों ने शोक व्यक्त किया है.

हाल ही में हुई थी एक और छात्र की मौत

गौरतलब है कि रिम्स में हाल के दिनों में यह दूसरी दुखद घटना है. इससे पहले 16 मई को रिम्स के एमबीबीएस के एक छात्र ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी. उसका शव हॉस्टल के कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला था. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और संस्थान के माहौल को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

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पुलिस कर रही हर पहलू की जांच

फिलहाल पुलिस संदिग्ध मौत के इस मामले में सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. परिवार और करीबी लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके.

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कुमार विश्वत सेन

लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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