श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं व जीवन संदेश पर डाला प्रकाश
Published by : SANJEET KUMAR Updated At : 28 Jan 2026 11:23 PM
बिशनपुर में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
महागामा प्रखंड क्षेत्र के बिशनपुर गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा पंडाल श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भरा रहा. श्रद्धालु भक्तिमय वातावरण में कथा श्रवण करते नजर आये. कथा व्यास पूज्य शरण जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, उनके दिव्य चरित्र तथा धर्म स्थापना के संदेश पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण केवल एक देवता नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाले महान मार्गदर्शक हैं. उनके जीवन का प्रत्येक प्रसंग मानव को धैर्य, प्रेम, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.
प्रेम मनुष्य को ईश्वर के निकट ले जाता है : शरण जी महाराज
कथा के दौरान महाराज जी ने प्रेम और क्रोध विषय पर विशेष चर्चा करते हुए कहा कि प्रेम मनुष्य को ईश्वर के समीप ले जाता है, जबकि क्रोध उसे पतन की ओर धकेल देता है. जहां प्रेम होता है, वहां शांति, सहयोग और सद्भाव स्वतः स्थापित हो जाते हैं, जबकि क्रोध बुद्धि को नष्ट कर रिश्तों एवं समाज दोनों को कमजोर कर देता है. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि अन्याय के विरुद्ध खड़े होना धर्म है, लेकिन मन में द्वेष और क्रोध को स्थान देना अधर्म है. कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे. बीच-बीच में राधे-राधे और जय श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा. आयोजन समिति ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के समापन तक प्रतिदिन भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धापूर्वक भाग ले रहे हैं.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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