सदर अस्पताल में परिजनों ने किया हंगामा

Published at :06 Nov 2015 1:42 AM (IST)
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सदर अस्पताल में परिजनों ने किया हंगामा

गोड्डा : गोड्डा प्रखंड के भेड़ा गांव के दस माह के शिशु रौशन कुमार की मौत के बाद परिजनों द्वारा सदर अस्पताल में जम कर हंगामा किया गया. डायरिया पीड़ित शिशु के इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों व परिजनों द्वारा हंगामा किया गया. स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ लामबंद होते हुए ग्रामीण […]

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गोड्डा : गोड्डा प्रखंड के भेड़ा गांव के दस माह के शिशु रौशन कुमार की मौत के बाद परिजनों द्वारा सदर अस्पताल में जम कर हंगामा किया गया. डायरिया पीड़ित शिशु के इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों व परिजनों द्वारा हंगामा किया गया. स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ लामबंद होते हुए ग्रामीण व परिजनों ने अस्पताल में ही मोरचा खोलते हुए प्रबंधन को सबक दिये जाने के उद्देश्य से घंटों हंगामा किया.
क्या है पूरा मामला
भेड़ा निवासी संजीव दास के 10 माह का शिशु रोशन कुमार डायरिया की चपेट में आने पर बुधवार को नौ बजे भरती कराया गया. इलाज के दौरान चिकित्सीय सुविधा नहीं मिलने के कारण डायरिया पीड़ित शिशु की मौत हो गयी.
परिजनों का आरोप था कि चिकित्सकों ने इलाज में कोताही बरती साथ ही देखरेख कर रही एएनएम द्वारा स्लाइन आदि चढ़ाने में भी लेट लतीफी रवैया अपनाया गया. इस कारण शिशु की हालत बिगड़ती चली गयी. जिससे उसकी मौत हो गयी.
अस्पताल से भेज दिया प्राइवेट क्लीनिक
रात में शिशु की हालत बिगड़ने पर ऑन ड्यूटी चिकित्सक द्वारा चाइल्ड स्पेशलिष्ट चिकित्सक को शिशु को दिखाने को लेकर अस्पताल से प्राइवेट क्लीनिक भेज दिया गया. इस मामले को लेकर तथा अस्पताल में इलाज के दौरान कोताही बरतने के मामले को लेकर पूर्व विधायक संजय यादव के पीए विजय मंडल द्वारा परिजनों के साथ अस्पताल प्रबंधन को खरी खोटी सुना कर सीएस को मामले में बात करने का दवाब बनाया गया.
”मामले में पूरी जानकारी ली गयी है. दरअसल कम्युनिकेशन गैपिंग के वजह से इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा है. इस गैप को पाटने के अलावा सदर अस्पताल के व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु शुक्रवार को सदर अस्पताल में ड्यूटी करने वाले महिला पुरुष चिकित्सक, स्टाफ, एएनएम, नर्स, वार्ड प्रभारी, डीएस व अस्पताल मैनेजर के साथ स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण बैठक बुलायी गयी है. बैठक में सभी से राय मशवरा कर दिशा निर्देश दिया जायेगा.
– डॉ सीके शाही, सीएस गोड्डा.
सबसे पहले पहुंचे डीएस
अस्पताल में शिशु के मौत पर हंगामा होने की सूचना पर सबसे पहले अस्पताल के डीएस डॉ डीके चौधरी पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया. लेकिन परिजन नहीं माने वे सीधे तौर पर मामले में सिविल सर्जन को अस्पताल बुलाये जाने की मांग की.
सूचना मिलने पर नगर थाना प्रभारी पासकल टोप्पोके निर्देश पर नगर थाना के एएसआइ जे जायसवाल पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया.
सीएस ली जानकारी
परिजनों के लगातार दवाब बनाने के बाद अस्पताल सीएस डॉ सीके शाही पहुंचे और मामले की पूरी जानकारी ली. सीएस डॉ शाही परिजनों व पीए विजय मंडल को लेकर नये भवन में बैठ कर बातचीत किया. चाइल्ड स्पेशलिस्ट चिकित्सक डॉ एके झा को भी बातचीत में शामिल होने के लिए बुलाया गया.
वार्ता के बाद माहौल गरम
बातचीत के क्रम में पीए श्री मंडल व चिकित्सक डॉ झा के बीच एक बिंदू पर बातचीत होने से माहौल पूरी तरह गरम हो गया. करीब एक घंटे तक हॉट टॉक होने के बाद सीएस डॉ शाही द्वारा मामले में पहल करते हुए पीए व चिकित्सक को शांति बनाये रखने की अपील की गई. मौके पर एसीएमओ डॉ रामजी भगत, यूनिसेफ जिला कोर्डिनेटर धनंजय त्रिवेदी द्वारा भी चिकित्सक व पीए ने माहौल शांत कराया.
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