सीमरातरी घाट से हो रहा बालू का अवैध खनन
Updated at : 14 Apr 2018 4:16 AM (IST)
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बालू माफियाओं को सफेदपोशों का संरक्षण गोड्डा : एक तरफ पानी के लिए हाहाकार मच रहा है. दूसरी ओर जल स्रोत के साधन पर कुठाराघात हो रहा है. शहर के लिए लाइफ लाइन कहलाने वाली कझिया नदी से बालू के अत्यधिक दोहन ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है. इससे कझिया नदी का अस्तित्व खतरे […]
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बालू माफियाओं को सफेदपोशों का संरक्षण
गोड्डा : एक तरफ पानी के लिए हाहाकार मच रहा है. दूसरी ओर जल स्रोत के साधन पर कुठाराघात हो रहा है. शहर के लिए लाइफ लाइन कहलाने वाली कझिया नदी से बालू के अत्यधिक दोहन ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है. इससे कझिया नदी का अस्तित्व खतरे में है. लेकिन इस मामले में किसी को कोई सरोकार नहीं रह गया है. ग्रामीणों के अनुसार कझिया नदी के सीमरातरी घाट से अवैध बालू का उठाव हो रहा है. इस मामले से विभाग व प्रशासन बेखबर है. कझिया नदी सूख रही है. जहां-तहां नाममात्र पानी है. जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है. इसका प्रभाव शहरी क्षेत्र व ग्रामीण इलाकों में भी पड़ रहा है. चापाकल सूख रहे हैं.
क्षेत्र के ग्रामीणों की मानें तो कुछ सफेदपोश बालू माफिया को संरक्षण दिये हुए हैं. इससे सीमरातरी के बालू घाट से अवैध बालू डंप कर बिहार आदि प्रदेशों में खपाया जा रहा है. दिन रात ट्रैक्टर से बालू का उठाव कर डंप करने के बाद रात के अंधेरे में बालू का कारोबार कर माफिया मालामाल हो रहे हैं. डीसी व एसपी से अवैध बालू के उठाव पर रोक लगाने व इस कारोबार में शामिल सफेदपोश माफिया को चिह्नित कर कार्रवाई करने की मांग ग्रामीणों ने की है. साथ ही नदी के संरक्षण की जरूरत बतायी है.
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सदर अस्पताल में शिशु ओपीडी शुरू नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. परिजनों ने बताया कि जेनरल ओपीडी में काफी भीड़ रहने व जेनरल चिकित्सक बैठने से शिशु का बेहतर इलाज नहीं हो पाता है. शिशु ओपीडी खुल जाने से इलाज कराने में सुविधा होगी. परिजनों ने सीएस से शिशु ओपीडी को चालू कराने की मांग की है.
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