बिहार को मिला प्रतिष्ठित गोल्डन पीकॉक अवार्ड, मखाना बन रहा ब्रांड बिहार

Updated at : 07 Apr 2026 9:11 AM (IST)
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Bihar News 7 April 2026

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार में कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय को मखाना वैल्यू चेन में इनोवेशन के लिए प्रतिष्ठित “गोल्डन पीकॉक इनोवेटिव प्रोडक्ट/सर्विस अवॉर्ड-2026” से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान न सिर्फ बिहार के किसानों की मेहनत का परिणाम है, बल्कि राज्य की बदलती कृषि तस्वीर की भी झलक देता है.

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Bihar News: बिहार की मिट्टी और पानी से उपजा ‘मखाना’ अब सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर राज्य की पहचान बन चुका है. मखाना वैल्यू चेन में किए गए इनोवेशन के लिए निदेशालय को प्रतिष्ठित ‘गोल्डन पीकॉक इनोवेटिव प्रोडक्ट/सर्विस अवार्ड-2026’ से नवाजा गया है.

यह पुरस्कार इंस्टीट्यूट ऑफ डायरेक्टर्स (IOD) द्वारा दिया जाता है, जिसका चयन भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस उदय यू. ललित की अध्यक्षता वाली एक उच्चस्तरीय जूरी ने किया है.

ब्रांड बिहार का नया चेहरा: मखाना

बिहार के लिए मखाना केवल एक फसल नहीं, बल्कि गौरव का विषय है. देश के कुल मखाना उत्पादन का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा अकेले बिहार से आता है. उद्यान निदेशालय ने पिछले कुछ वर्षों में मखाना के उत्पादन से लेकर उसके प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और निर्यात तक की पूरी वैल्यू चेन को आधुनिक बनाने के लिए जो मेहनत की है, यह अवार्ड उसी का परिणाम है.

इस योजनाबद्ध विकास से न केवल मखाने की गुणवत्ता में अंतरराष्ट्रीय स्तर का सुधार आया है, बल्कि किसानों की आय में भी जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है. कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने इस उपलब्धि पर उद्यान निदेशालय के निदेशक अभिषेक कुमार और उनकी टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह सम्मान सरकार की दूरदर्शी नीतियों, वैज्ञानिकों की मेहनत और किसानों के समर्पण का संयुक्त परिणाम है.

दिल्ली के मंच पर बजेगा बिहार का डंका

इंस्टीट्यूट ऑफ डायरेक्टर्स की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, इस पुरस्कार की ट्रॉफी और प्रमाण पत्र जल्द ही नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किए जाएंगे. आईओडी के डायरेक्टर जनरल डॉ. वी.के. अग्निहोत्री ने उद्यान निदेशालय के निदेशक अभिषेक कुमार और उनकी टीम को सस्टेनेबिलिटी और उत्कृष्टता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए विशेष रूप से बधाई दी है.

यह अवार्ड इसलिए भी खास है क्योंकि इसके लिए बेहद कड़े मानकों को पूरा करना होता है, जिसे बिहार के उद्यान निदेशालय ने अपनी बेहतरीन वर्किग कल्चर से हासिल किया है.

किसानों का मान और सम्मान

मखाना अब ‘ब्रांड बिहार’ के रूप में देश-विदेश के बाजारों में अपनी जगह मजबूत कर रहा है. सरकार अब इसी तर्ज पर राज्य की अन्य बागवानी फसलों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए काम कर रही है.

मखाना उत्पादन में आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल और सीधे निर्यात की सुविधा मिलने से अब बिहार का किसान बिचौलियों के चंगुल से निकलकर सीधे वैश्विक बाजार से जुड़ रहा है. यह अवार्ड राज्य में कृषि क्षेत्र के बढ़ते आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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