चतरा में आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार संकट, अनियमित आपूर्ति से बिगड़ी व्यवस्था

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आंगनबाड़ी केंद्र सांकेतिक तस्वीर (AI Image)

Chatra News: झारखंड के चतरा जिले के इटखोरी बाल विकास परियोजना क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार संकट गहराता जा रहा है. चावल की अनियमित आपूर्ति के कारण बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाला पोषण प्रभावित हुआ है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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इटखोरी से विजय शर्मा की रिपोर्ट

Chatra News: झारखंड के चतरा जिले के इटखोरी बाल विकास परियोजना क्षेत्र के प्रखंडों (इटखोरी, मयूरहंड, पथलगड्डा, गिधौर) के आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने वाले बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले पोषाहार पर संकट छा गया है. पोषाहार को नियमित रूप से संचालित रखने के लिए सेविकाओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है.

दो दिन बंद रहा पोषाहार वितरण

सेविकाओं ने दो दिन शुक्रवार और शनिवार को पोषाहार बंद कर दिया. उसके बाद विभागीय आश्वाशन के बाद सोमवार को पोषाहार चालू किया गया. मिली जानकारी के अनुसार सेविकाओं को पिछले साल साल 2025 के दूसरे तिमाही जून महीने तक ( नवंबर में दिया गया था) का चावल उपलब्ध कराया गया था, उसके बाद चावल उपलब्ध नहीं होने के कारण पोषाहार संचालन में परेशानी हो रही है.

गड़बड़ी की आशंका, रिकॉर्ड पर सवाल

नियमित रूप से चावल उपलब्ध नहीं कराए जाने पर सेविकाओं ने गड़बड़ी की आशंका जताई है. एक सेविका ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया (संघ की पदाधिकारी) कि हमलोगों को नवंबर माह में प्रथम तिमाही (जनवरी, फरवरी, मार्च माह) का चावल दिया गया था, जबकि चावल निर्गत पंजी में द्वितीय तिमाही (अप्रेल,मई, जून) का हस्ताक्षर कराया गया. सेविका ने कहा कि हमलोगों को एक साल पीछे का चावल उपलब्ध कराया गया है, चावल की कमी में पोषाहार संचालित करना मुश्किल हो रहा है.

सीडीपीओ ने क्या कहा? 

सीडीपीओ अर्चना सिंह ने कहा कि एसएफसी द्वारा उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार सेविकाओं को चतुर्थ तिमाही का चावल उपलब्ध करा दिया गया है, यह भ्रम और चूक कहां हुई है इसकी जांच की जा रही है. सीडीपीओ ने कहा कि केंद्र में बच्चों  की उपस्थिति के अनुसार चावल आवंटित होता है, सुपरवाइजर के केंद्र निरीक्षण के दौरान जितने बच्चे भौतिक रूप से उपस्थित रहते हैं उसी के अनुसार चावल उपलब्ध होता है, खर्च के बाद जितना चावल बचता है उसी अनुसार अगले महीने चावल दिया जाता है.

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श्वेता वैद्य

लेखक के बारे में

By श्वेता वैद्य

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में श्वेता झारखंड बीट को कवर कर रही हैं, जहां वह राज्य की ताजा खबरें, लोगों की भलाई से जुड़े मुद्दे, सरकारी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विषयों पर आधारित स्टोरीज तैयार करती हैं. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

झारखंड बीट से पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर आर्टिकल लिखे.

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