चतरा के हंटरगंज में बिजली कटौती पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, डुमरी पावर ग्रिड में किया हंगामा

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 25 May 2026 9:49 PM

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अनियमित विद्युत आपूर्ति के विरुद्ध पावर ग्रीड में प्रदर्शन करते ग्रामीण. फोटो: प्रभात खबर

Chatra News: चतरा के हंटरगंज में भीषण गर्मी के बीच 24 घंटे में सिर्फ 2 से 3 घंटे बिजली मिलने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. डुमरी पावर ग्रिड में ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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चतरा से दीनबंधू और मो कासिफ की रिपोर्ट

Chatra News: झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. लगातार हो रही बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा. आक्रोशित ग्रामीणों ने डुमरी पावर ग्रिड पहुंचकर जमकर हंगामा किया और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की. ग्रामीणों का आरोप है कि हंटरगंज क्षेत्र में 24 घंटे में महज दो से तीन घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है. उसमें भी लो वोल्टेज के कारण लोग बिजली का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं. लोगों ने कहा कि बिजली रहने और नहीं रहने में कोई अंतर नहीं रह गया है.

भीषण गर्मी में लोगों की बढ़ी परेशानी

इन दिनों चतरा जिले में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. भीषण गर्मी और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. ऐसे में लगातार बिजली कटौती ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं. ग्रामीणों ने बताया कि दिन के साथ-साथ रात में भी लंबे समय तक बिजली गुल रहती है. इसके कारण लोग पूरी रात जागकर बिताने को मजबूर हैं. पंखे और कूलर बंद रहने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी और बिजली संकट के कारण कई लोग बीमार पड़ रहे हैं. पर्याप्त नींद नहीं मिलने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.

लो वोल्टेज से उपकरण भी नहीं कर रहे काम

ग्रामीणों ने बताया कि जब बिजली आती भी है, तब लो वोल्टेज की गंभीर समस्या बनी रहती है. पंखा ठीक से नहीं चलता और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी काम नहीं करते. लोगों ने कहा कि कई घरों में मोटर और अन्य उपकरण खराब होने लगे हैं. खेती-किसानी और छोटे व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

नेताओं के आश्वासन पर उठाए सवाल

हंगामा कर रहे ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी जताई. लोगों ने कहा कि चुनाव के समय सांसद और विधायक बिजली समस्या दूर करने का आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सभी वादे भूल जाते हैं. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्षों से हंटरगंज क्षेत्र के लोग बिजली संकट झेल रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

बिजली विभाग के अधिकारी के बयान से बढ़ा आक्रोश

ग्रामीणों के अनुसार जब उन्होंने बिजली विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राकेश कुमार सिंह से अनियमित बिजली आपूर्ति और लो वोल्टेज की समस्या को लेकर सवाल किया, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि “जैसी बिजली मिल रही है, वैसी ही मिलेगी, आप लोग जो करना है कर लीजिए.” अधिकारी के इस बयान के बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया. ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह का जवाब जनता की समस्याओं के प्रति विभाग की संवेदनहीनता को दर्शाता है.

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ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे. लोगों ने कहा कि जरूरत पड़ी तो सड़क जाम और बड़े स्तर पर प्रदर्शन भी किया जाएगा. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल बिजली आपूर्ति दुरुस्त करने, लो वोल्टेज की समस्या दूर करने और नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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