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बेकार पड़ा है जिला परिषद का 36 लाख का गेस्ट हाउस

Updated at : 01 Jun 2024 11:16 PM (IST)
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बेकार पड़ा है जिला परिषद का 36 लाख का गेस्ट हाउस

जिला परिषद के राजस्व को बढ़ाने के लिए करीब 36 लाख की लागत से प्रखंड परिसर में निर्मित गेस्ट हाउस बेकार पड़ा है. फिलहाल यह भवन खाली है और इसमें ताला जड़ा है. भवन का यह हाल 2019 में बनने के बाद से ही है.

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गांडेय : 2019 में बना भवन देना था किराये पर

गांडेय.

जिला परिषद के राजस्व को बढ़ाने के लिए करीब 36 लाख की लागत से प्रखंड परिसर में निर्मित गेस्ट हाउस बेकार पड़ा है. फिलहाल यह भवन खाली है और इसमें ताला जड़ा है. भवन का यह हाल 2019 में बनने के बाद से ही है.

भवन में हो रहा सामग्री भंडारण :

उक्त भवन को किराये में देकर जिला परिषद के राजस्व को बढ़ाना था, पर गेस्ट हाउस बनने के बाद यहां सामग्री भंडारण किया जाने लगा. कभी यहां गरीबों का कंबल तो कभी बाल विकास परियोजना का पोषाहार रखा जाने लगा. वर्तमान में यह भवन बेकार पड़ा हुआ है और इसमें ताला लटका हुआ है.

गेस्ट हाउस में रहते थे बीडीओ :

बताया जाता है कि सरकारी आवास जर्जर होने के कारण तत्कालीन बीडीओ विजय कुमार गेस्ट हाउस में ही रहने लगे थे. हालांकि वे जब तक गेस्ट हाउस में रहे जिला परिषद में तय किराया का भुगतान करते रहे. हालांकि उनके स्थानांतरण के बाद से गेस्ट हाउस में ताला लटक गया है.

भवन की उपयोगिता को ले होगी पहल : प्रमुख

प्रखंड प्रमुख राजकुमार पाठक ने कहा कि बंद पड़े गेस्ट हाउस की उपयोगिता को लेकर पहल की जायेगी. कहा कि भवन में ताला लगे रहने से साफ-सफाई व रख-रखाव नहीं हो पा रहा है. कहा कि जिला परिषद की बैठक में उक्त मामले को उठाया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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