Giridih News :हत्या के आरोप में छह दोषियों को उम्रकैद की सजा
Published by : PRADEEP KUMAR Updated At : 29 May 2026 10:06 PM
Giridih News :नाबालिग छात्रा से छेड़खानी का विरोध करने पर उसके भाई की हत्या के मामले में गिरिडीह के तृतीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश हरिओम कुमार की अदालत ने छह अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी है.
इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. सरकारी वकील सुरेश मरांडी ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि न्यायालय ने उनके द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्य और गवाहों के आधार पर सभी छह अभियुक्तों को दोषी माना. सजा पाने वालों में बेंगाबाद थाना क्षेत्र के तेलोनारी गांव निवासी अजीत राम, सुभाष शर्मा, ललन राम, राजू शर्मा, संतोष शर्मा और जितेंद्र राम शामिल हैं. बताया कि यह मामला वर्ष 2023 का है.
भाई ने किया था बहन से छेड़खानी का विरोध
जब बेंगाबाद थाना इलाके में स्कूल जा रही एक नाबालिग छात्रा के साथ आरोपियों ने छेड़खानी की थी. छात्रा के भाई ने इसका विरोध किया, तो सभी आरोपियों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी थी. घटना के बाद मृतक के पिता के बयान पर बेंगाबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इसके बाद पुलिस ने जांच कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. बताया गया कि इस मामले में तीन अभियुक्त जमानत पर थे, जबकि तीन न्यायिक हिरासत में थे. करीब तीन वर्षों तक चले स्पीडी ट्रायल के बाद न्यायालय ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा और जुर्माने से दंडित किया. वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता दुर्गा पांडेय, नरेश पाठक और विनोद साहू ने बहस की.
नक्सली नेमचंद महतो आर्म्स एक्ट में दोषी करार
गिरिडीह के द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत ने शुक्रवार को हार्डकोर नक्सली नेमचंद महतो को आर्म्स एक्ट के मामले में दोषी करार दिया है. न्यायालय ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए एक जून की तिथि निर्धारित की है. शुक्रवार को सरकारी वकील और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस पूरी होने के बाद सेकंड एडीजे के न्यायालय ने बेंगाबाद थाना कांड संख्या 77/18 में नेमचंद महतो को दोषी ठहराया. नेमचंद पीरटांड़ थाना क्षेत्र का निवासी है. बताया गया कि वर्ष 2018 में नेमचंद महतो के खिलाफ आर्म्स एक्ट, देशद्रोह सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था. हालांकि, ट्रायल के दौरान न्यायालय में देशद्रोह की धारा से संबंधित ठोस तथ्य और पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले. इसके बाद न्यायालय ने देशद्रोह की धारा हटाते हुए आर्म्स एक्ट के तहत उसे दोषी माना. अब एक जून को न्यायालय सजा सुनायेगी.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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