Giridih News: शिबू सोरेन के निधन पर राजनीतिक दलों के नेताओं शोक व्यक्त किया

Published by : MAYANK TIWARI Updated At : 04 Aug 2025 11:09 PM

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Giridih News: दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर जिले के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है.

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गुरुजी का जाना सिर्फ झामुमो की ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड और देश के लिए अपूर्णीय क्षति है. यह दुखद क्षण है. दिशोम गुरु ने शोषितों व आदिवासियों के लिए संघर्ष किया. जिला झामुमो के पूर्व निर्धारत सभी कार्यक्रम सात दिनों तक स्थगित रहेंगे. सिर्फ श्रद्धांजलि व शोक सभा होगी. -संजय सिंह, जिलाध्यक्ष, झामुमो

दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन की खबर सुनकर काफी दुखी हूं. उन्होंने पूरे जीवन में संघर्ष किया. उनका काफी योगदान रहा है. उनके निधन से अपूर्णीय क्षति हुई है. लोग शोकाकुल हैं. शोक की इस घड़ी में ईश्वर उनके परिवार को दुख सहने की शक्ति प्रदान करे. – डॉ मंजू कुमारी, विधायक

दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन दुखद है. झारखंड की पहचान व स्वाभिमान उनकी देन है. वह दलितों, शोषितों, दबे-कुचले की आवाज थे. उनके योगदान और संघर्ष को हमेशा याद किया जायेगा. बुलंद झारखंड की तस्वीर के रूप में वह सबों की यादों में बसे रहेंगे. – विनोद सिंह, पूर्व विधायक

दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन से एक अध्याय समाप्त हो गया. पूरे राज्य में शोक है. उनकी कमी कभी भी पूरी नहीं हो सकती है. हमलोग के मार्गदर्शक चले गये. गुरुजी हमलोगों के लिए एक अभिभावक, सपना और भविष्य थे. उननके संघर्ष को कभी भी नहीं भुलाया जा सकता है. – पंकज ताह, पूर्व जिलाध्यक्ष, झामुमो

दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन काफी दुखद है. वह झारखंड निर्माण से लेकर दलितों-शोषितों के लिए संघर्ष किये. आदिवासियों के अधिकार व झारखंड अलग राज्य निर्माण के लिए काफी संघर्ष किया. उनके संघर्ष को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न दी जाये. – राजकुमार राज, प्रदेश अध्यक्ष, रालोजपा

पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन एक धरतीपुत्र थे. पूरी जिंदगी संघर्ष किया. आदिवासी समाज की मजबूत आवाज थे.झारखंड के निर्माण में उनकी भूमिका को हमेशा याद रखी जायेगी. उनका जाना एक युग का अंत होने के समान है. आज झारखंड ने अपना अभिभावक खोया है. – धनंजय सिंह, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस

झारखंड ने आज अपना मसीहा व अपना नेता खो दिया है. दिशोम गुरु ने पूरा जीवन झारखंडी अस्मिता की रक्षा के लिए कुर्बान कर दिया. झारखंडी हितों व अलग राज्य के निर्माण की लड़ाई लड़ी. झारखंडी जनमानस में दिशोम गुरु झारखंड के गांधी थे और रहेंगे. – सतीश केडिया, कार्यकारी अध्यक्ष, कांग्रेस

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