Giridih News :बंदऊं गुरु पद पदुम परागा, सुरुचि सुबास सरस अनुरागा

Edited by PRADEEP KUMAR
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Giridih News :जिले में गुरुवार को गुरु पूर्णिमा धूमधाम से मनी. जगह-जगह कार्यक्रम के गुरुओं को पूजा गया और उन्हें सम्मानित किया गया. लोगों ने गुरु-शिष्य परंपरा का निर्वहन किया. श्री कबीर ज्ञान मंदिर सिहोडीह में भव्य कार्यक्रम हुआ.

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जिले में धूमधाम से मना गुरु पूर्णिमा महोत्सव, जगह-जगह हुआ कार्यक्रम

श्री कबीर ज्ञान मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया

गुरु ही वह पात्र हैं, जिनमें परमात्मा की झलक मिलती है: मां ज्ञान

जिले में गुरुवार को गुरु पूर्णिमा धूमधाम से मनी. जगह-जगह कार्यक्रम के गुरुओं को पूजा गया और उन्हें सम्मानित किया गया. लोगों ने गुरु-शिष्य परंपरा का निर्वहन किया. श्री कबीर ज्ञान मंदिर सिहोडीह में भव्य कार्यक्रम हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत गुरु पूजन से हुई. काफी संख्या में लोगों ने गुरु की पूजा की. मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था. मां ज्ञान ने उपस्थित जनसमुदाय को संदेश देते हुए गुरु महिमा के संबंध में बताया. कहा कि सद्गुरु कबीर साहब ने अपने अनुभव के सागर से जो शब्द निकाले, वे केवल काव्य न होकर, मानव जीवन की उत्कृष्टता का दर्पण है. अहंकार और ईर्ष्या रूपी बादल बरस रहे हैं, और माया की आंधी जोर पकड़ रही है. इनकी वर्षा और हवा से साधक का मन डगमगा जाता है, उसकी एकाग्रता और शांति नष्ट हो जाती है. इन सभी बाधाओं के बीच मार्ग केवल एक है गुरु, जो भ्रम हटाये और अहंकार की नदी पार कराये. विकारों से बचाये और आत्मा को परमात्मा से जोड़ दे. कहा कि गुरु ही वह ज्ञान दीपक हैं, जो इस अज्ञान अंधकार को चीरते हैं. गुरु ही वह नाविक हैं, जो इस विपदामय जलधि से पार उतारते हैं. गुरु भक्ति ही वह शक्ति हैं, जो काम, क्रोध, लोभ, मोह, अज्ञान व अहंकार की आंधी में भी दृढ़ खड़े रहने की ताकत देती है. गुरु के बिना यह भवसागर पार करना असंभव है.

बुद्ध ज्ञान विद्यालय सिहोडीह में हुआ भव्य कार्यक्रम

इधर, बुद्ध ज्ञान विद्यालय सिहोडीह में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व अभिभावकों ने भाग लिया. कार्यक्रम की शुरुआत बुद्ध वंदना और दीप प्रज्वलन से हुई. विद्यार्थियों ने भगवान बुद्ध की जीवन, उनके उपदेशों तथा धम्म के प्रथम प्रवचन पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. बच्चों ने गुरु की महिमा पर भाषण दिया. कविता पाठ भी की. नाटक मंचित कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. विद्यालय के निदेशक निर्मल महतो ने इस दिवस का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व बताया तथा गुरुजनों के प्रति आदर, श्रद्धा व अनुशासन के भाव को आत्मसात करने की प्रेरणा दी. विद्यालय के प्रधानाध्यापक रंधीर कुमार, शिक्षक प्रमोद कुमार, कुमोद आनंद, नेहा कुमारी व स्नेहा कुमारी ने भी गुरु-शिष्य संबंधों पर प्रकाश डाला. अभिभावकों ने आयोजन की सराहना की. कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण और धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया.

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