रोजगार सेवक की कार्यशैली से परेशान मुखिया ने दी आंदोलन की चेतावनी

Updated at : 03 May 2024 10:54 PM (IST)
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रोजगार सेवक की कार्यशैली से परेशान मुखिया ने दी आंदोलन की चेतावनी

ताराजोरी पंचायत के ग्राम रोजगार सेवक के आगे जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि भी विवश हैं. रोजगार सेवक मुखिया के आदेश को मानना तो दूर की बात है, खुलेआम कमीशन की मांग करने से भी परहेज नहीं करता है.

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बेंगाबाद.

ताराजोरी पंचायत के ग्राम रोजगार सेवक के आगे जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि भी विवश हैं. रोजगार सेवक मुखिया के आदेश को मानना तो दूर की बात है, खुलेआम कमीशन की मांग करने से भी परहेज नहीं करता है. कमीशन नहीं देने पर मनरेगा योजना के तहत कराये जा रहे कूप निर्माण का डिमांड काटने से लेकर भुगतान कार्य पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. त्रस्त मुखिया लाभुकों के सहयोग से आंदोलन पर जाने की बात कर रहे हैं. इसकी जानकारी मुखिया ने अधिकारियों को दे दी है. वहीं, मुखिया संघ में भी इस मुद्दे को उठाया गया है.

क्या है मामला :

ताराजोरी पंचायत आदिवासी बहुल पंचायत है. पंचायत की मुखिया बहामुनी मरांडी हैं. इस पंचायत में ग्राम रोजगार सेवक के पद पर नवीन कुमार पदस्थापित हैं. मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ग्राम रोजगार सेवक के पर ही रहती है. कार्यस्थल पर उपस्थित मजदूरों का डिमांड काटने से लेकर भुगतान कराने तक में रोजगार सेवक की भूमिका है. मुखिया के अनुसार पंचायत में मनरेगा योजना के तहत कूप निर्माण कार्य हो रहा है. बरसात से पूर्व कूप का निर्माण पूरा करने के लिए कार्य तेजी पर है. कुछ कूपों की खुदाई 20 फीट से अधिक हो चुकी है. अब रोजगार सेवक कार्यरत मजदूरों का डिमांड काटने से लेकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने व एमआइएस प्रविष्टि कराने के नाम पर पांच से दस प्रतिशत तक कमीशन की मांग करते हैं. कमीशन नहीं देने पर डिमांड के साथ भुगतान कार्य को प्रभावित कर रहे हैं. मुखिया का कहना है कि समय पर डिमांड व भुगतान नहीं होने पर कूप का निर्माण कार्य प्रभावित होने की संभावना है. कहा कि रोजगार सेवक के कार्यप्रणाली से मनरेगा लाभुकों में रोष है और आंदोलन की रणनीति बनायी जा रही है. जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जायेगा.

कमीशन मांगने का आरोप बेबुनियाद : रोजगार सेवक

ग्राम रोजगार सेवक नवीन कुमार का है कि जिस कूप का जितनी खुदाई हुई है, उसी अनुसार भुगतान कराया जा रहा है. कमीशन की मांग का आरोप बेबुनियाद है. कहा कि ऑपरेटर को जितनी डिमांड हुई है, उस अनुसार एमआईएस व भुगतान करने का निर्देश दिया गया है.

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