जीपीएस से होगी निगहबानी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 Aug 2016 7:46 AM

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सुरक्षा व्यवस्था . गश्ती दल और टाइगर जवान रहेंगे एसपी-डीएसपी के रडार पर पुलिस जवान ड्यूटी पर लापरवाही न बरतें और उनकी हर गतिविधि पर वरीय पदाधिकारी नजर रख सकें, इसके लिए विभाग ने नयी व्यवस्था शुरू की है. इसके तहत पेट्रोलिंग वाहनों पर जीपीएस लगाने की योजना बनायी गयी है. गिरिडीह : गश्ती दल […]

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सुरक्षा व्यवस्था . गश्ती दल और टाइगर जवान रहेंगे एसपी-डीएसपी के रडार पर
पुलिस जवान ड्यूटी पर लापरवाही न बरतें और उनकी हर गतिविधि पर वरीय पदाधिकारी नजर रख सकें, इसके लिए विभाग ने नयी व्यवस्था शुरू की है. इसके तहत पेट्रोलिंग वाहनों पर जीपीएस लगाने की योजना बनायी गयी है.
गिरिडीह : गश्ती दल और टाइगर जवानों की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए पुलिस वाहन में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) लगाया जायेगा. नगर थाना इलाके के पीसीआर और टाइगर मोबाइल के वाहनों से इसकी शुरुआत होगी. इसे लेकर जीपीएस लगानेवाली एक कंपनी के विशेषज्ञ से तकनीकी जानकारी भी ली गयी है. पहले चरण में नगर थाना के चार पीसीआर व छह टाइगर मोबाइल की बाइक पर जीपीएस लगाया जायेगा. गश्ती व टाइगर मोबाइल के वाहनों पर ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाकर इसे एक सर्वर से जोड़ा जायेगा.
इस सिस्टम के लागू हो जाने के बाद एसपी अखिलेश बी वारियर व डीएसपी विजय आशिष कुजूर गश्ती वाहनों पर सीधे नजर रख सकेंगे. इन दोनों पदाधिकारियों के मोबाइल को इस सिस्टम से जोड़ दिया जायेगा जिससे गश्ती दल व टाइगर मोबाइल की गतिविधि की हर पल की जानकारी पुलिस पदाधिकारियों को मिलती रहेगी.
घटना की भी मिलेगी त्वरित जानकारी : डीएसपी ने बताया कि जीपीएस सिस्टम लागू होते ही अपराध व घटना होने पर इसकी जानकारी इकट्ठा करने में सुविधा होगी. गश्ती वाहनों की ड्यूटी की समीक्षा, साथ ही अपराध होने पर गश्ती पार्टी की जवाबदेही तय करना भी सहुलियत होगी. जबकि पीसीआर वाहनों का रूट भी तय करते हुए कार्य की योजना बनायी जायेगी. यह सुविधा नगर थाना क्षेत्र में लागू करने के बाद जिले के अन्य थाना इलाके में भी लागू किया जायेगा.
कई मुहल्लों में गश्ती दल नहीं जाने की शिकायत
शहर में गश्ती के लिये तैनात पुलिस के जवान व टाइगर मोबाइल के जवानों के शहर में गश्त नहीं करने की शिकायत पुलिस पदाधिकारियों को निरंतर मिल रही थी. डीएसपी विजय आशिष कुजूर ने बताया कि जीपीएस के सहारे पलभर में पता चल जायेगा कि कौन गश्ती वाहन कहां है और कितनी देर वहां खड़ा है.
टाइगर जवानों की बाइकों में भी जीपीएस लगाया जायेगा. वहीं यह भी पता चल जायेगा कि गश्ती वाहन ने कितनी दूरी की पेट्रोलिंग की और उसमें कितने इंधन की खपत हुई.
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