जेल से रची जेसीबी जलाने की साजिश

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Aug 2016 7:34 AM

विज्ञापन

खुलासा. विष्णुगढ़ निवासी योगेंद्र मंडल की गिरफ्तारी के बाद हुआ पर्दाफाश सरिया थाना क्षेत्र के घुठिया पेसरा में 16 जुलाई की रात सड़क निर्माण कर रही आरकेएस कंस्ट्रक्शन की चार जेसीबी जलाने के मामले का खुलासा पुलिस ने कर लिया है. पुलिस के अनुसार, इस घटना को अंजाम देने की साजिश हजारीबाग जेल में रची […]

विज्ञापन
खुलासा. विष्णुगढ़ निवासी योगेंद्र मंडल की गिरफ्तारी के बाद हुआ पर्दाफाश
सरिया थाना क्षेत्र के घुठिया पेसरा में 16 जुलाई की रात सड़क निर्माण कर रही आरकेएस कंस्ट्रक्शन की चार जेसीबी जलाने के मामले का खुलासा पुलिस ने कर लिया है. पुलिस के अनुसार, इस घटना को अंजाम देने की साजिश हजारीबाग जेल में रची
गयी थी.
गिरिडीह : सरिया के घुठिया पेसरा में सड़क निर्माण में लगी चार जेसीबी जलाने का मुख्य साजिशकर्ता हजारीबाग के विष्णुगढ़ थाना इलाके का रहनेवाला उमेश गिरि है. वह हत्या के एक मामले में फिलहाल जेल में बंद है.
गिरिडीह पुलिस ने इस मामले को लेकर के विष्णुगढ़ के बराये गांव निवासी योगेंद्र मंडल को भी गिरफ्तार किया है. एसपी अखिलेश बी वारियर की सूचना पर सरिया-बगोदर एसडीपीओ दीपक कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस इंस्पेक्टर कपिलदेव पोद्दार व सरिया थाना प्रभारी केएन सिंह ने छापामारी कर योगेंद्र को गिरफ्तार किया है. योगेन्द्र से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी.
रंगदारी नहीं देने पर लगायी थी आग
गुरुवार को पुलिस लाइन में एसपी अखिलेश बी वारियर ने प्रेस वार्ता में बताया कि आपराधिक संगठन एनएसपीएम के सरगना उमेश गिरि का बेल कराने व गवाहों को खरीदने के लिये पैसे की दरकार थी.
इसके लिये कई महीने से योजना बनायी जा रही थी. इसी पैसे के लिये घुठिया पेसरा गांव में लगभग 50 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण कर रही आरकेएस कंस्ट्रक्शन से पांच प्रतिशत की रंगदारी मांगी गयी थी. 10 जुलाई को रंगदारी मांगने की शिकायत भी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने पुलिस से की थी. पुलिस अभी मामले की जांच में जुटी थी की 16 जुलाई की रात को चार अपराधियों ने पेट्रोल छिड़क कर चार जेसीबी में आग लगा दी.
घटना के बाद एसडीपीओ दीपक शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटना में शामिल चारों अपराधियों का डाटा निकाला. पता चला कि इस घटना को अंजाम देने में विष्णुगढ़ बराये निवासी योगेंद्र मंडल, छोटू मंडल, बिनोद यादव व बोकारो नावाडीह निवासी कुतूब खान शामिल हैं. घटना के पांचवें दिन ही बिनोद को पकड़ा गया.
उसके बाद बुधवार को योगेंद्र मंडल पकड़ाया, जबकि गुरुवार को विष्णुगढ़ पुलिस ने छोटू मंडल को उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वह उमेश गिरि के मुकदमे की एक महिला गवाह के अपहरण का प्रयास कर रहा था. छोटू को गिरिडीह पुलिस रिमांड पर लेगी. बताया कि यह गिरोह अंतरजिला गिरोह के सदस्य हैं.
मुकेश रहा है अहम सहयोगी
एसडीपीओ दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि इस घटना को अंजाम देने में चतरा के इटखोरी का रहनेवाला मुकेश राणा की भी अहम भूमिका रही है. मुकेश राणा जेल में बंद उमेश गिरि का खासम-खास सहयोगी है और आपराधिक संगठन एनएसपीएम का प्रमुख सदस्य. मुकेश को कुछ महीने पहले आर्म्स एक्ट के मामले में बगोदर पुलिस जेल भेज चुकी थी. मुकेश के जेल जाने के कुछ महीने बाद बराय का रहनेवाला छोटू मंडल को बाइक चोरी में बगोदर पुलिस ने जेल भेजा था. मुकेश व छोटू की मुलाकात गिरिडीह जेल में हुई थी.
यहीं पर मुकेश ने छोटू को एनएसपीएम से जोड़ा था. अप्रैल के आसपास दोनों जेल से निकले और आपराधिक संगठन को संचालित करने में जुट गये. श्री शर्मा ने बताया कि योगेंद्र ने पूछताछ में बताया कि इनलोगों ने एक और अपराधिक संगठन एसडीएम का गठन किया है.
पुलिस अभी इस मामले को लेकर छापामारी कर रही है और बोकारो के नावाडीह कुतुब खान, मुकेश राणा व गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है. श्री शर्मा ने बताया कि उमेश गिरि ने 1.06.14 को सबलाबाद जंगल में सुरेश मंडल नामक व्यक्ति की हत्या के आरोप में हजारीबाग जेल में बंद है.
बाइक पर पहुंचे थे अपराधी
योगेन्द्र मंडल ने बताया कि 16 जुलाई की रात को छोटू मंडल की बाइक पर सवार होकर वह, छोटू और कुतुब खान बगोदर पहुंचा था. बगोदर में पेट्रोल भराने के बाद तीनों उसी बाइक पर सवार होकर अटका के रास्ते घुठिया पेसरा पहुंचे. इस बीच रास्ते में छोटू ने दो हवाई फायरिंग भी की. घुठिया पेसरा में पहुंचने के बाद थोड़ी देर में बिनोद यादव भी पहुंचा और जेसीबी में पेट्रोल छिड़का गया. योगेन्द्र ने बताया कि जेसीबी में उसी ने आग लगाया था.
सामूहिक दुष्कर्म में स्पीडी ट्रायल के लिए प्रयास करेगी पुलिस : एसपी
प्रेस वार्ता के दौरान एसपी बताया कि नाबालिग आदिवासी छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के सभी छह नामजद अभियुक्तों ने पुलिस दबाव में सरेंडर किया था. इन अभियुक्तों को जल्द से जल्द सजा मिले इसके लिये स्पीडी ट्रायल के लिए प्रयास किया जायेगा. मामले को लेकर लोक अभियोजक से भी बातचीत की जायेगी. उन्होंने कहा कि इस मामले के प्रकाश में आने के बाद से ही पुलिस की अलग-अलग टीम का गठन किया गया था.
डीएसपी विजय आशिष कुजूर, एसडीपीओ सदर मनीष टोप्पो व एसडीपीओ सरिया-बगोदर के नेतृत्व में गठित टीम लगातार कांड के अभियुक्त लालू मंडल, संतोष मंडल, मनोहर मंडल, अमर मंडल, उदय मंडल व संजय मंडल को गिरफ्तार करने के लिये छापामारी कर रही थी. छापामारी दल में पुलिस निरीक्षक रामलाल राम, मुफस्सिल थाना प्रभारी सुरेन्द्र कुमार सिंह, ताराटांड़ थाना प्रभारी आरके राणा, बेंगाबाद थाना प्रभारी मनोज कुमार, सअनि जेपीएन सिन्हा व क्यूआरटी की टीम शामिल थी.
डकैती कांड का भी होगा खुलासा
एसपी ने बताया कि पचंबा स्थित एसबीआइ की शाखा में हुई डकैती के मामले का भी जल्द खुलासा हो जायेगा. पुलिस की अलग-अलग टीम इस संदर्भ में लगातार छापामारी कर रही है. छापामारी के दौरान जो जानकारी मिल रही है उसपर पुलिस काम कर रही है. इस प्रेस वार्ता के दौरान एसडीपीओ मनीष टोप्पो व डीएसपी जीतवाहन उरांव भी मौजूद थे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola