पांच करोड़ का हुआ नुकसान

Published at :12 Mar 2016 10:24 PM (IST)
विज्ञापन
पांच करोड़ का हुआ नुकसान

सर्राफा बाजार में 11 सूत्री मांगों पर आठ दिन से जारी है हड़ताल गढ़वा : गढ़वा जिले में सर्राफा स्वर्णकार संघ के बैनर तले स्वर्णकारों का 10 दिन से चल रहे हड़ताल के कारण करीब पांच करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है. सर्राफा स्वर्णकार संघ के अपने 11 सूत्री मांगों को लेकर पिछले दो […]

विज्ञापन

सर्राफा बाजार में 11 सूत्री मांगों पर आठ दिन से जारी है हड़ताल

गढ़वा : गढ़वा जिले में सर्राफा स्वर्णकार संघ के बैनर तले स्वर्णकारों का 10 दिन से चल रहे हड़ताल के कारण करीब पांच करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है. सर्राफा स्वर्णकार संघ के अपने 11 सूत्री मांगों को लेकर पिछले दो मार्च से हड़ताल पर हैं. अपना दुकान चलाने के बजाय स्वर्णकार लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं.

इस क्रम में जिला प्रशासन के माध्यम से मांग पत्र भेजकर नये बजट में सरकार द्वारा स्वर्णकारों के लिए अपनायी गयी नीति का विरोध कर रहे हैं. पिछले दिन संघ के लोगों ने गढ़वा शहर में सब्जी व चाय बेच कर सरकार के नीति का विरोध किया. विदित हो कि गढ़वा जिला सोने-चांदी के व्यापार का बहुत बड़ा केंद्र माना जाता है.

यहां आभूषण की खरीदारी व बनवाने के लिए पड़ोसी राज्य यूपी व छत्तीसगढ़ से भी ग्राहक आते हैं. लेकिन शादी-विवाह के इस लगन में लगातार 10 दिन तक आभूषण दुकान बंद रहने से जहां व्यसायियों को परेशानी हो रही है, वहीं ग्राहक भी उतने ही परेशान हैं. साथ ही सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है. अनिश्चितकालीन बंद की वजह से ग्राहक व दुकानदार दोनों इस बात से अनभिज्ञ हैं कि आखिर कब तक ऐसी स्थिति बनी रहेगी.

इस संबंध में संघ के अध्यक्ष भुवनेश्वर नाथ सोनी, महामंत्री पंचम सोनी, संरक्षक रमेश बाबू सर्राफ, सत्यनारायण बाबू सर्राफ व राकेश बाबू सर्राफ आदि ने बताया कि जबतक उनकी मांगों पर सरकार कार्रवाई नहीं करती है, तब तक हड़ताल जारी रहेगा.

250 दुकानें हैं गढ़वा में : गढ़वा जिले में छोटे-बड़े आभूषण के करीब 250 दुकानें हैं. इनमें 140 दुकानें सिर्फ गढ़वा शहर में हैं. इसके अलावा नगरऊंटारी में 100, रमना व मझिआंव में 20- 20, मेराल में 12, भवनाथपुर में 17, रंका में 22, भंडरिया व बड़गड़ में सात-सात दुकानें हैं.

इन सभी दुकानों को मिलाकर प्रतिदिन औसत रूप से 50 लाख रुपये का व्यवसाय होता है. सर्राफा स्वर्णकार संघ के मुताबिक इसमें से 50 हजार रुपये प्रतिदिन सरकार को राजस्व भी मिलता है. इसके कारण लगातार 10 दिन तक दुकान बंद रहने से जहां पांच करोड़ के व्यवसाय प्रभावित हुए हैं, वहीं सरकार को भी पांच लाख के कर का नुकसान हुआ है.

क्यों है विरोध : संघ ने सेसन ए 25 लाख तक ड्यूटी चोरी पकड़े जाने पर सात साल की जेल की सजा व 25 मॉल को सील करने तथा दुकान को ताला लगाने की शक्ति प्रदान किये जाने का विरोध किया जा रहा है.

साथ ही कारीगर के पास माल का हिसाब या सोना का हिसाब न पाये जाने पर सोना जब्त करने, टैक्स ड्यूटी न देने पर ड्यूटी के बराबर पेनाल्टी लगाने, छह महीने तक के लिए मालिक की जमीन-जायदाद को अस्थायी रूप से जब्त करने, सोने की पकाई सरकारी संस्था द्वारा कराये जाने का नियम बनाये जाने आदि का विरोध किया जा रहा है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola