गढ़वा में पीने के पानी का गलत इस्तेमाल करने वालों की अब खैर नहीं, डीडीसी ने दिया कार्रवाई का निर्देश

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बैठक करते डीडीसी

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Garhwa News: गढ़वा में भीषण गर्मी के बीच पेयजल के दुरुपयोग पर प्रशासन सख्त हो गया है. डीडीसी ने पानी का गलत इस्तेमाल करने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट

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Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले में भीषण गर्मी के बीच पेयजल की बर्बादी और दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि जल जीवन मिशन की योजनाओं से खेतों की सिंचाई या निजी स्वार्थ सिद्ध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. 

अधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई का निर्देश 

उप विकास आयुक्त ने सभी जूनियर इंजीनियर और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन पर सख्त कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि कई क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत निर्मित जलापूर्ति योजनाओं  का कुछ लोग दुरुपयोग कर रहे हैं. डीडीसी ने निर्देश देते हुए कहा कि वैसे सभी लोगों को चिन्हित करें जो सार्वजनिक पेयजल से खेत पटा रहे हैं या निजी इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पहले चेतावनी दें. अगर सुधार न हो, तो लक्षित घरों तक जलापूर्ति बहाल करने के लिए कठोर कदम उठाएं. 

जल सहियाओं की भूमिका 

डीडीसी ने निर्देश दिया कि सभी बीडीओ अपने क्षेत्र की जल सहियाओं के साथ बैठक करें. जल सहियाओं को जिम्मेदारी दी गई है कि वे ग्रामीणों के बीच समन्वय स्थापित करें और यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित पानी का वितरण सभी को समान रूप से हो. किसी भी प्रकार के अवैध इस्तेमाल की सूचना तुरंत संबंधित जूनियर इंजीनियर को देने का निर्देश दिया गया है. 

बंद चापाकलों की मरम्मत के निर्देश 

बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह को निर्देशित किया गया कि जिले के बंद पड़े चापाकलों की सूची 7 दिनों के भीतर लेकर मरम्मत काम को युद्ध स्तर पर शुरू करें.

ग्रामीणों से अपील 

डीडीसी ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे पेयजल की समस्या या दुरुपयोग की शिकायत झार जल पोर्टल (टोल फ्री न०- 1800-3456-502) पर दर्ज कराएं. उन्होंने कहा कि अब तक मिली 1101 शिकायतों में से 797 का निष्पादन किया जा चुका है और बची हुई शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है. इस बैठक में जिले के सभी प्रखंडों के पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से साझा रहे.

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