गढ़वा में बिना वेरिफिकेशन नहीं मिलेगा वेतन, अवैध निकासी रोकने के लिए नियम लागू

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गढ़वा उपायुक्त अनन्य मित्तल

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले में अवैध निकासी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने वेतन भुगतान व्यवस्था में बदलाव किए हैं. अब हर कर्मचारी का सत्यापन अनिवार्य होगा और बिना प्रमाण पत्र के कोई भुगतान नहीं किया जाएगा. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट 

Garhwa News: बोकारो और हजारीबाग पुलिस विभाग में वेतन मद से हुई करोड़ों की अवैध निकासी के मामले ने झारखंड सरकार की नींद उड़ा दी है. इसी कड़ी में गढ़वा जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वेतन भुगतान और ट्रेजरी मैनेजमेंट को लेकर नए और कड़े नियम लागू कर दिए हैं. उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देश पर डीडीसी पशुपतिनाथ मिश्रा ने समाहरणालय में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला में स्पष्ट किया कि अब वेतन निर्गत करने से पहले कर्मियों का ‘क्रेज-वेरिफिकेशन’ अनिवार्य होगा.

वेतन भुगतान के लिए अब इन 5 नियमों का पालन जरूरी

प्रशिक्षण के दौरान निकासी और व्ययन पदाधिकारियों (डीडीओ) को सख्त हिदायत दी गई है कि वेतन भुगतान की प्रक्रिया अब पहले जैसी नहीं रहेगी. नए नियमों के मुख्य बिंदु इस प्रकार है: 

  • सर्विस बुक से मिलान – वेतन जारी करने से पहले कर्मी के नाम, पदनाम, जन्म तिथि और नियुक्ति तिथि का मिलान अनिवार्य रूप से मूल सर्विस बुक और अभिलेखों से किया जाएगा.
  • बैंक विवरण का भौतिक सत्यापन -अब केवल नंबर देने से काम नहीं चलेगा. बैंक खाता संख्या और आइएफसीएस कोड का मिलान पासबुक की छायाप्रति या रद्द चेक से करना अनिवार्य होगा.
  • एम्पलॉयी प्रोफाइल फ्रीज –  सभी कर्मियों का डिजिटल एम्पलॉयी प्रोफाइल अपडेट कर उसे ‘फ्रीज’ किया जाएगा. प्रोफाइल अनफ्रीज करने की अनुमति केवल विशेष परिस्थिति में ही दी जाएगी.
  • केवाईसी अपडेट –  कर्मियों के पैन , मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसे विवरणों को अभिलेखों में अद्यतन रखना होगा.
  • ओटीपी की गोपनीयता – सुरक्षा के मद्देनजर कोई भी पदाधिकारी अपना ओटीपी किसी अन्य कर्मी या क्लर्क के साथ साझा नहीं करेगा.

3 साल से जमे बिलिंग क्लर्कों पर गिरी गाज

वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए डीसी श्री मित्तल ने एक बड़ा फैसला लिया है. बैठक में डीडीसी ने इसकी जानकारी दी, कहा कि उन सभी बिलिंग क्लर्कों का तत्काल दूसरे स्थान पर भेजना या कार्य परिवर्तन किया जाए, जो पिछले 3 वर्षों से एक ही पद पर जमे हुए हैं. जिन कार्यालयों में केवल एक ही क्लर्क है, वहां विशेष निगरानी रखने का आदेश दिया गया है.

बिना प्रमाण पत्र नहीं होगा कोई भुगतान

कोषागार पदाधिकारी प्रशांत मिंज ने प्रस्तुति के जरिए बताया कि अब अधिकारी (DDO) को हर बिल पर एक प्रमाण देना होगा कि संबंधित कर्मचारी की पूरी जांच हो चुकी है. बिना इस प्रमाण के ट्रेजरी से कोई भुगतान नहीं होगा. डीडीसी ने कहा कि जैसे हम अपने पैसे खर्च करते समय सावधानी रखते हैं, वैसे ही सरकारी पैसे निकालते समय भी सावधानी जरूरी है. पारदर्शिता में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस बैठक में गढ़वा एसडीएम संजय कुमार, श्री बंशीधर नगर एसडीओ प्रभाकर मिर्धा समेत जिले के कई अधिकारी मौजूद थे.

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प्रिया गुप्ता

लेखक के बारे में

By प्रिया गुप्ता

प्रिया गुप्ता पिछले एक साल से प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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