अब सुरक्षा मानकों पर चलेंगी रांची की स्कूल वैन, बिना GPS और पुलिस वेरिफिकेशन वाले वाहनों पर कार्रवाई की मांग

Updated:
विज्ञापन

रांची का स्कूल बस

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Ranchi School Van: रांची समाहरणालय में शुक्रवार को स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इसमें झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने स्कूल वैन और बसों के संचालन में हो रही लापरवाही का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. एसोसिएशन ने बिना फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट के चल रहे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और सुरक्षा मानकों को अनिवार्य करने की मांग की है.

विज्ञापन

Ranchi School Van, रांची (राजेश झा): स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय स्थित ‘बी’ ब्लॉक के कक्ष संख्या-307 में एक अहम बैठक हुई. इस बैठक में स्कूली बसों और वैन के संचालन को लेकर कड़े सुरक्षा मानकों पर चर्चा की गई. झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने इस दौरान स्कूल वाहनों में नियमों की अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की.

विज्ञापन

वैन संचालन में नियमों की धज्जियां उड़ाने पर चिंता

एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने बैठक में कहा कि प्रशासन की नजर बसों पर तो रहती है, लेकिन स्कूल वैन पूरी तरह निगरानी से बाहर हैं. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि शहर की सड़कों पर कई वैन बिना फिटनेस सर्टिफिकेट, वैध परमिट और जरूरी सुरक्षा मानकों के दौड़ रही हैं. सबसे खतरनाक बात यह है कि इन वैन में क्षमता से दोगुने बच्चों को भेड़-बकरी की तरह बैठाया जाता है, जिससे हर समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है.

Also Read: झारखंड बार काउंसिल चुनाव: मधुलता, रिंकू समेत 5 महिलाएं बनीं सदस्य, महेश तिवारी का परिणाम फिलहाल होल्ड पर

सुरक्षा मानकों के बिना नो एंट्री

एसोसिएशन ने मांग रखी कि हर स्कूली वाहन (बस और वैन दोनों) में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र), फर्स्ट एड किट और स्पीड गवर्नर अनिवार्य रूप से लगा होना चाहिए. इसके अलावा, बच्चों की सुरक्षा के लिए चालकों और सहायकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाए. प्रत्येक वाहन में कम से कम एक जिम्मेदार स्टाफ की मौजूदगी हो, जो बच्चों के चढ़ने-उतरने की निगरानी कर सके.

ओवरलोडिंग पर जीरो टॉलरेंस की मांग

अभिभावक संघ ने प्रशासन से आग्रह किया कि ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए. विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को जब्त किया जाए जिनके पास कागजात अधूरे हैं. एसोसिएशन ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यदि वैन और बसों पर समान सख्ती बरती गई, तो बच्चों का सफर सुरक्षित हो सकेगा.

Also Read: JSSC शिक्षक नियुक्ति: झारखंड हाईकोर्ट से फिलहाल अभ्यर्थियों को राहत नहीं, अदालत ने पूछा- ‘FIR क्यों नहीं कराई’?

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola