ट्रंप की पार्टी में गोली चलाने वाला आरोपी कोले टॉमस एलन पेशे से इंजीनियर, गेम डेवलपर के रूप में करता था काम
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 26 Apr 2026 5:58 PM
ट्रंप की पार्टी में फायरिंग करने वाला कोले टॉमस एलन पेशे से इंजीनियर
Donald Trump : पेशे से इंजीनियर कोले टॉमस एलन ने उस प्रतिष्ठित रात्रिभोज में फायरिंग क्यों की जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मौजूद थे, यह बड़ा सवाल है, जिसका जवाब हर कोई जानना चाहता है. हालांकि इस बात का पता अभी तक नहीं चल पाया है कि आखिर एलन ने फायरिंग क्यों की.
Donald Trump :अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी में गोली चलाने वाला संदिग्ध व्यक्ति पेशे से इंजीनियर है और वह गेम डेवलपर के रूप में काम करता है. कोले टॉमस एलन ने व्हाइट हाउस में आयोजित संवाददाताओं के रात्रिभोज में फायरिंग क्यों की इसके बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है. सोमवार को जब उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा, तब संभवत: उसके इरादों के बारे में ज्यादा पता चल पाए.
पुलिस ने कोले को किया गिरफ्तार
व्हाइट हाउस में आयोजित प्रतिष्ठित डिनर के दौरान शनिवार रात जब गोलीबारी की घटना हुई तो हड़कंप मच गया. इस मामले में पुलिस ने 31 वर्षीय संदिग्ध कोले टॉमस एलन को गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों के मुताबिक, एलन कैलिफोर्निया के टॉरेंस का रहने वाला है और पेशे से सॉफ्टवेयर डेवलपर है. वह शिक्षक का काम भी करता है. उसने 5 से 8 राउंड गोलियां चलाईं, जिससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. डिनर में राष्ट्रपति ट्रंप भी शामिल थे और उन्हें शीघ्र वहां से निकाला गया.
मैकेनिकल इंजीनियर है कोले
पुलिस की जांच में यह पता चला है कि कोले टॉमस एलन ने कैलिफोर्निया से 2017 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया है. उसके बाद उसने 2025 में कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स की डिग्री पूरी की. वह एक निजी ट्यूशन कंपनी में अध्यापन का काम भी करता था. वह एक स्वतंत्र गेम डेवलपर के रूप में भी काम करता था और उसने एक वीडियो गेम विकसित करने का दावा किया है.अधिकारियों ने उसके सोशल मीडिया और पृष्ठभूमि की जांच शुरू कर दी है ताकि हमले के पीछे की मंशा का पता लगाया जा सके.फिलहाल, यह पता नहीं चल पाया है कि यह हमला किसी राजनीतिक उद्देश्य से जुड़ा था या व्यक्तिगत कारणों से.
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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