PoK में बवाल! चुनाव से पहले खूनी संघर्ष, 14 प्रदर्शनकारियों की मौत और दो दर्जन से ज्यादा घायल

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पीओके में चुनाव से पहले JAAC के कार्यकर्ताओं की बीच हुई झपड़ 14 प्रदर्शनकारियों की मौत और दो दर्जन से अधिक घायल (स्रोत- एएनआई )

PoK में चुनाव से पहले JAAC के कार्यकर्ताओं की बीच हुई झपड़ 14 प्रदर्शनकारियों की मौत और दो दर्जन से अधिक घायल (स्रोत- एएनआई )

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में तथाकथित विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हालात हिंसक हो गए. जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 14 कार्यकर्ताओं की मौत का दावा किया है, लेकिन पुलिस ने इस पर सवाल उठाए हैं.

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PoK : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में तथाकथित विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान हालात हिंसक हो गए. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने दावा किया है कि सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में उसके 14 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

पुलिस ने मृतकों के आंकड़ों पर उठाए सवाल

पीओके के पुलिस प्रमुख लियाकत अली मलिक ने 14 मौतों के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक शव बरामद होकर पोस्टमार्टम नहीं होते, तब तक आधिकारिक पुष्टि संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि झड़पों में एक रेंजर्स जवान की मौत हुई, जबकि दो रेंजर्स और दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.

JAAC का आरोप है कि उसके शांतिपूर्ण 'लॉन्ग मार्च' पर सुरक्षा बलों ने बिना उकसावे के गोलीबारी की. संगठन का कहना है कि प्रदर्शनकारी निहत्थे थे और उनके पास केवल लाठियां थीं. दूसरी ओर, PoK पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों के पास आधुनिक हथियार थे और उन्होंने पहले सुरक्षा बलों पर फायरिंग की.

12 विवादित सीटों को लेकर कई हफ्तों से आंदोलन

जेएएसी पिछले कई सप्ताह से विधानसभा की 12 शरणार्थी आरक्षित सीटों को समाप्त करने की मांग कर रहा है. संगठन का आरोप है कि पाकिस्तान का सत्ता प्रतिष्ठान इन सीटों के जरिए अपनी पसंद की सरकार बनवाता है. इसी मुद्दे पर रावलकोट से मुजफ्फराबाद तक 'लॉन्ग मार्च' निकाला गया था.

भारत पहले भी उठा चुका है मुद्दा

भारत पहले ही पीओके में जारी प्रदर्शनों को वहां के लोगों के कथित शोषण और प्रशासनिक दमन का परिणाम बता चुका है. फिलहाल चुनाव के बीच इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं और मीडिया कवरेज पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. पाक सरकार और जेएएसी के बीच बातचीत के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है.

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सत्येन्द्र गिरि

लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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