PoJK में फिर भड़का जनआक्रोश! रावलाकोट से मुजफ्फराबाद कूच, चुनाव के बीच हिंसा और धांधली के आरोपों से पाक घिरा

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JAAC और अधिकारियों के बीच बातचीत विफल होने के बाद हजारों लोग मुजफ्फरबाद की ओर मार्च करने लगे, जिससे PoJK में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए ( स्रोत- एएनआई )

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पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में सरकार के खिलाफ जनआक्रोश अपने चरम पर है. रावलाकोट में हजारों लोग मुजफ्फराबाद की ओर मार्च कर रहे हैं. बातचीत विफल होने और चुनावी प्रक्रिया पर पड़ रहे असर के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

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PoJK : पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में सरकार के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब और तेज हो गया है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सोमवार को रावलाकोट में हजारों लोग इकट्ठा हुए और मुजफ्फराबाद की ओर मार्च शुरू कर दिया. यह कदम तब उठाया गया जब जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और प्रशासन के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही. प्रदर्शनकारी पिछले 52 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं.

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प्रदर्शनकारियों की तीन प्रमुख मांगें

JAAC ने शरीफ सरकार के सामने प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी खत्म करने, सभी बंदियों की रिहाई और आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग रखी है. समिति ने 27 जुलाई को दोपहर 1 बजे तक सरकार को मांगें मानने का अल्टीमेटम दिया था. समय सीमा खत्म होने के बाद हजारों लोग रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर कूच कर गए.

यह पहली बार नहीं है जब PoJK में जनता सड़कों पर उतरी हो. साल 2024 में भी महंगाई, बिजली दरों और आटे की कीमतों को लेकर बड़े पैमाने पर आंदोलन हुआ था. उस दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गए थे, कई लोगों की मौत हुई थी और पाक सरकार को भारी सुरक्षा बल तैनात करने पड़े थे. जनदबाव के बाद पाकिस्तान सरकार को आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा करनी पड़ी थी.

बातचीत विफल, सड़कों पर बढ़ा जनआक्रोश

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद पूरे PoJK में रैलियों और विरोध मार्च का सिलसिला तेज हो गया है। आंदोलनकारियों का दावा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

चुनावी प्रक्रिया पर भी पड़ा असर

इसी बीच मीरपुर डिवीजन की 13 सीटों पर पहले चरण का मतदान हुआ, लेकिन कई जगह हिंसा और कथित धांधली की शिकायतें सामने आईं. लंबे आंदोलन के कारण राजनीतिक दलों के चुनाव प्रचार पर भी असर पड़ा है. सार्वजनिक सभाएं और रैलियां प्रभावित हुई हैं, जबकि लोगों की चुनावों में रुचि भी कम दिखाई दे रही है.

दो जिलों में चुनाव टले, बढ़ी अनिश्चितता

लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सुधनोती और रावलाकोट जिलों में विधानसभा चुनाव 10 अगस्त तक स्थगित कर दिए गए हैं. मौजूदा हालात ने PoJK में राजनीतिक और प्रशासनिक अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार आंदोलनकारियों से फिर बातचीत करती है या टकराव और बढ़ता है.

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