पूर्वी सिंहभूम के कई गावों का हाल बेहाल, 65 एकड़ में फैले धान की खेती बर्बाद होने की संभावना, घरों में हुए कैद
Published by : Sameer Oraon Updated At : 17 Sep 2024 3:19 PM
jharkhand weather: पूर्वी सिंहभूम जिले के कई गांवों की स्थिति लगातार हो रही बारिश की वजह से खराब हो गयी. किसान धान की खेती बर्बाद होने की संभावना जता रहे हैं.
Jharkhand Weather, गौरव पाल, बरसोल: पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है. जिसकी वजह से गालूडीही डैम का पानी छोड़ना पड़ा है. नतीजा यह हुआ कि अब स्वर्णरेखा नदी एवं रांगड़ो नाला का जलस्तर बढ़ने से पानी उफान मार रहा है. स्वर्णरेखा नदी किनारे बसे चित्रेस्वर, रांगुनिया, पचंदो आदि जगहों पर नदी का पानी घुसते ही लगभग 65 एकड़ में फैले धान के खेत पूरी तरह डूब गये हैं. जिससे धान की फसल बर्बाद होने के आसार दिखाई पड़ने लगे हैं. बारिश का आलम यह है कि कुमार डुबि पंचायत लोग अपने घरों कैद रहने को विवश हैं. इस गांव में रहने वाले खाना खाने के लिए तरस रहे हैं.
स्वर्णरेखा नदी का पानी बढ़ा
चित्रेस्वर, रांगुनिया, पचंदो क्षेत्र के किसानों ने मशीन से धान की पटवनी कर धनरोपनी किया था. लगातार बारिश हो रही से स्वर्णरेखा नदी का पानी भी बढ़ गया. जिससे रांगुनिया, चित्रेस्वर, बाघाकुल्हि गांव में पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है. किसानों ने कहा कि अगर जल्दी ही पानी नीचे नहीं उतरा तो धान के पौधे सड़ जाएंगे.
क्या कहते हैं किसान
यह बारिश किसानों के लिए लाभदायक नहीं है, निचले हिस्से में लगाये गये धान का पौधा बारिश के चलते सड़ जाने की संभावना है. इस तरह की बारिश फसलों के लिए हानिकारक है.
रिंकू प्रधान, किसान
अभी खेत में दवाई डालने का समय है लेकिन यह बारिश के चलते दवाई नहीं डाल सकते. धान के पौधों में कीड़ा लगना भी शुरू हो गया है. अगर बारिश से जल्द निजात मिल गयी तो हमलोग दवाई डालने का काम करेंगे.
मानस पातर, किसान
जिसका खेत निचले हिस्से में है उसका धान पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा. जिसका खेत ऊपरी हिस्से में है उसका थोड़ा बहुत बचेगा. यह बारिश बिल्कुल भी लाभदायक नहीं है. साथ ही सब्जियों की खेत के लिए भी यह हानिकारक है. इससे संब्जियों के दामों में और वृद्धि होने की संभावना है.
मलय बाड़ी, किसान
बहरागोड़ा प्रखंड के एक पंचायत के लोग घरों में हुए कैद
वहीं, बहरागोड़ा प्रखंड के एक पंचायत बारिश की वजह से घर में कैद होने से विवश हैं. मामला कुमार डूबि पंचायत का है. जहां मालकुंडा से प्रतापपुर जाने के लिए रांगड़ो खाल पर पुल नहीं बनने से लगभग 27 घरों के करीब 150 लोग अपने घर में ही फसें हुए हैं. स्थिति ये है कि इस गांव लोग खाना, पीना के लिए लोग तरस रहे हैं. दरअसल लगातार हो रही वर्षा की वजह से रांगड़ो खाल के पास बहने वाली नदियां उफनाई हुई है. पुल न होने के कारण लोग कहीं आ जा नहीं पा रहे हैं. बीते दो दिनों से लोग सूखा खाना खाकर जीवन जीने को विवश हैं. बता दें कि इस गांव में हर वर्ष तेज बारिश होने के कारण ग्रामीणों को कई प्रकार के संकटों का सामना करना पड़ता है.
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By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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