राइस मिल नहीं कर रहा धान का उठाव
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :14 Jan 2016 8:06 AM (IST)
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दुमका : जिले में 30 लैम्पस को धान अधिप्राप्ति का निर्देश तो दिया गया है, पर 14 लैम्पस को अब तक धान अधिप्राप्ति के लिए अग्रिम राशि नहीं दी गयी है. ऐसे में इन लैम्पसों द्वारा जहां राशि को लेकर धान अधिप्राप्ति नहीं की जा रही है, वहीं जहां पहले अग्रिम उपलब्ध करवाये गये थे, […]
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दुमका : जिले में 30 लैम्पस को धान अधिप्राप्ति का निर्देश तो दिया गया है, पर 14 लैम्पस को अब तक धान अधिप्राप्ति के लिए अग्रिम राशि नहीं दी गयी है. ऐसे में इन लैम्पसों द्वारा जहां राशि को लेकर धान अधिप्राप्ति नहीं की जा रही है, वहीं जहां पहले अग्रिम उपलब्ध करवाये गये थे, उन लैम्पसों में राइस मिल मालिकों के असहयोगात्मक रवैये की वजह से अब आगे धान अधिप्राप्ति होने में परेशानी खड़ी होती दिख रही है.
दरअसल लैम्पसों को पांच-पांच लाख रुपये धान अधिप्राप्ति के लिए प्रदान किया गया था. इनमें से कई लैम्पसों ने तो इस राशि का उपयोग करते हुए धान की खरीद कर ली, लेकिन अब तक किसी भी लैम्पस से धान का उठाव नहीं किया गया. ऐसे कई लैम्पसों में तो अब आगे धान खरीदकर रखने की जगह उनके पास नहीं बची है. आधे दर्जन से अधिक लैम्पस ऐसे हैं, जिन्होंने जगह नहीं रहने की वजह से धान की अधिप्राप्ति को बंद कर दिया है. इनमें लकड़ापहाड़ी, सहारा, गम्हरिया, रामगढ़, आसनसोल एवं सुखजोरा लैम्पस शामिल है.
हर लैम्पस के लिए 10,000 क्विंटल धान अधिप्राप्ति का है लक्ष्य
जिले के सभी 30 लैम्पसों को 10-10 हजार क्विंटल धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य दिया गया है. बुधवार को जब जिला सहकारिता पदाधिकारी बैठक कर रहे थे, तब कई लैमपस प्रबंधकों ने अपनी परेशानी रखी. कहा कि पांच-पांच लाख से उन्होंने धान की खरीदारी तो कर ली, लेकिन इसका उठाव नहीं कर रहे. जिला सहकारिता पदाधिकारी ने झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक निगम लिमिटेड के जिला प्रबंधक से धान उठाव तथा एडवांस सीएमआर लेने का अनुरोध किया.
मासिक बैठक में कई बिंदुओं पर हुई चरचा
धान अधिप्राप्ति के लिए चयनित सभी लैम्पसों एवं प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में धान अधिप्रप्ति, केसीसी कार्ड वितरण व वसूली, नये लैम्पसों के अंकेक्षण, उर्वरक पर अनुदान की चरचा की गयी. जिला सहकारिता पदाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने इस बैठक में अधिक से अधिक किसानों को केसीसी देने तथा उनसे ससमय वसूली का निर्देश दिया, ताकि किसानों को मात्र 2 प्रतिशत ब्याज देना पड़े. उन्होंने 2014-15 में उर्वरक व्यवसाय करने वाले लैम्पसों को परिवहन अनुदान के लिए मांग पत्र देने का भी निर्देश दिया.
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