नया बाजार निवासी नन्हें हत्याकांड के बाद से फरार अपराधी प्रिंस खान आज भी झारखंड पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है. 24 नवंबर 2021 को वासेपुर में नन्हें खान की हत्या के बाद वह धनबाद से फरार हो गया और पिछले कई सालों ने शारजहां में अपना ठिकाना बनाये हुए है. इसके बावजूद उसका आपराधिक नेटवर्क यहां सक्रिय है. धनबाद समेत राज्य के कई जिलों में वह लगातार व्यवसायियों को फोन कर रंगदारी की मांग रहा है. इससे कारोबारियों में दहशत है.
प्रिंस के खिलाफ 60 से अधिक मामले दर्ज
वासेपुर के फरार अपराधी प्रिंस खान पर धनबाद सहित पूरे राज्य के विभिन्न थाना में हत्या, फायरिंग कर दहशत फैलाने, गोली मारने, रंगदारी व अन्य धारा में 60 से अधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटर पोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कर चुकी है. इसके बाद भी वह अब तक पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है. शारजाह से ही वह धनबाद और राज्य से अन्य जिलाें में अपने गुर्गों के माध्यम से आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहा है.
पुलिस लगातार कर रही कार्रवाई, अब तक 110 गुर्गे गिरफ्तार
प्रिंस खान के नेटवर्क ध्वस्त करने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. धनबाद पुलिस अब तक प्रिंस खान के लगभग 110 गुर्गों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. इसके बाद भी उसका नेटवर्क दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. धनबाद से लेकर जमशेदपुर, दुमका, रांची, पलामू के अलावा यूपी व बंगाल तक इसके गुर्गे फैले हैं, जो आये दिन घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं.
हाल के दिनों में हुई कुछ घटनाएं
– 17 दिसंबर 2025 को चतरा में लोजपा नेता और व्यवसायी प्रेमचंद उर्फ प्रेम सिंह को प्रिंस खान के नाम से दो करोड़ रुपये रंगदारी मांगने की धमकी मिली.
– 21 दिसंबर 2025 को पलामू जिले में ज्वेलरी व्यवसायी रंजीत कुमार सोनी को प्रिंस खान के नाम से एक करोड़ रुपये रंगदारी मांगी गयी.– सितंबर 2025 को रांची के बिल्डर/ फाइनांसर कृष्ण गोपालका व उनके पुत्र को भी प्रिंस खान के नाम से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गयी- रांची के एक डॉक्टर से भी प्रिंस खान के नाम पर दो करोड़ तक की रंगदारी मांगी गयी.
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