Dhanbad News: एसएनएमएमसीएच : ब्लड बैंक में चिकित्सकों की कमी, रद्द हो रहे रक्तदान शिविर

एसएनएमएमसीएच में एक चिकित्सक के भरोसे 900 यूनिट क्षमता वाले ब्लड बैंक का हो रहा संचालन. रात में रक्त जांच सेवा भी ठप.
शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) स्थित ब्लड बैंक में इन दिनों चिकित्सकों की भारी कमी हो गयी है. स्थिति यह है कि ब्लड बैंक का संचालन एक ही चिकित्सक के भरोसे हो रहा है. वर्तमान में यहां केवल एक चिकित्सक डॉ बीके पांडेय कार्यरत हैं. उनके जिम्मे लगभग 900 यूनिट रक्त के स्टॉक का प्रबंधन है. ऐसे में ब्लड बैंक के नियमित काम प्रभावित हो रहे हैं.
नियमों के विपरीत हो रहा ब्लड बैंक का संचालन
ब्लड बैंक संचालन से जुड़े नियमों के अनुसार यहां तीन शिफ्ट में चिकित्सकों की तैनाती अनिवार्य है. वहीं अस्पताल के बाहर आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों में भी एक चिकित्सक की उपस्थिति आवश्यक होती है. एसएनएमएमसीएच के ब्लड बैंक में चिकित्सकों की कमी के कारण इन नियमों का पालन संभव नहीं हो पा रहा है. एक ही चिकित्सक पर दिन-रात की जिम्मेदारी होने से न तो शिफ्टवार व्यवस्था बन पा रही है. बाहर लगने वाले कैंपों में भी चिकित्सक नहीं भेजे जा पा रहे हैं. ऐसे में विभिन्न क्षेत्रों में समय-समय पर लगने वाले कई रक्तदान कैंपों को रद्द करना पड़ा है.
रात में रक्त जांच की व्यवस्था बाधित
सबसे गंभीर स्थिति रात के समय उत्पन्न हो रही है. अब तक कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जब रात में मरीजों को तत्काल रक्त की आवश्यकता पड़ी, लेकिन चिकित्सक के उपलब्ध नहीं रहने से सैंपल की जांच नहीं हो सकी. ऐसे में ब्लड बैंक में रक्त मौजूद होने के बावजूद जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से मरीजों को समय पर रक्त नहीं मिल सका. यह स्थिति आपातकालीन मरीजों के लिए बेहद चिंताजनक हो सकती है.
रोजाना औसतन 100 यूनिट रक्त की जरूरत
एसएनएमएमसीएच जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में रोजाना औसतन 90 से 100 यूनिट रक्त की आवश्यकता पड़ती है. यहां सड़क दुर्घटना, सर्जरी, प्रसव, एनीमिया और अन्य गंभीर बीमारियों से जुड़े मरीज आते रहते हैं. ऐसे में चिकित्सकीय स्टाफ की कमी के कारण रक्त आपूर्ति की व्यवस्था लगातार दबाव में है. अस्पताल सूत्रों के अनुसार यदि स्थिति में जल्द नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में मरीजों को और अधिक परेशानी हो सकती है.
इधर, नए नियम से बढ़ी जटिलता
राज्य सरकार की ओर से हाल ही में जारी उस नियम के बाद स्थिति और जटिल हो गयी है, जिसमें बिना डोनर के भी मरीज को रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है. इस नियम के तहत ब्लड बैंक पर जिम्मेदारी और बढ़ गयी है. सीमित संसाधनों और स्टाफ के बीच बढ़ी मांग को पूरा करना ब्लड बैंक के लिए चुनौती बन गया है.
वर्जनब्लड बैंक में चिकित्सकों की कमी से काम प्रभावित होने की जानकारी मिली है. इसे गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ रामकृष्ण महतो को पत्र लिखकर कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग में नियुक्त दो चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति ब्लड बैंक में करने का आग्रह किया गया है. जल्द ही समस्या का समाधान होने की उम्मीद है.डॉ डीके गिंदौरिया, अधीक्षक, एसएनएमएमसीएच
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